जल प्रतिधारण से बचने के लिए पानी का सही सेवन कैसे करें
जल प्रतिधारण एक सामान्य समस्या है, जो अधिक नमक, शुगर, या हार्मोनल असंतुलन के कारण होती है। इस लेख में, हम जानेंगे कि कैसे पर्याप्त पानी पीने से जल प्रतिधारण को रोका जा सकता है। इसके लक्षण, फाइबर युक्त आहार का महत्व, और पोटैशियम के सेवन के फायदे भी बताए जाएंगे। साथ ही, पानी को स्वादिष्ट बनाने के उपाय और बचाव के अन्य तरीकों पर भी चर्चा की जाएगी।
Aug 1, 2025, 14:48 IST
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जल प्रतिधारण के बारे में जानें
हेल्थ कार्नर : यदि आपको लगता है कि अधिक पानी पीने से जल प्रतिधारण हो सकता है, तो यह गलत धारणा है। जल प्रतिधारण मुख्यतः अधिक नमक या चीनी के सेवन, हार्मोनल असंतुलन, हीमोग्लोबिन की कमी, एलर्जी या अन्य कारणों से होता है।
जल प्रतिधारण के कारण
जब शरीर को पर्याप्त पानी नहीं मिलता है, तो सूजन उत्पन्न होती है। यदि आप अधिक पानी पीते हैं, तो शरीर को अतिरिक्त पानी एकत्रित करने की आवश्यकता नहीं होती। इसके अलावा, अधिक नमक और विषाक्त पदार्थ भी मूत्र के माध्यम से बाहर निकल जाते हैं। प्यास न लगने पर भी थोड़ी-थोड़ी देर में पानी पीते रहना चाहिए।
जल प्रतिधारण के लक्षण
हाथ, पैरों और चेहरे पर सूजन, टांगों में दर्द, वजन में बदलाव, त्वचा पर निशान और हायपोथायरॉइड जैसी समस्याएं इसके लक्षण हो सकते हैं।
फाइबर युक्त आहार का महत्व
फाइबर युक्त आहार लेने से पाचन क्रिया में मदद मिलती है, जिससे अधिक पानी अवशोषित होता है और शरीर में पानी का संग्रह नहीं होता। ब्रोकली, बेरी, ओट्स और बीन्स फाइबर के अच्छे स्रोत हैं।
पानी को स्वादिष्ट बनाएं
पानी का स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें कुछ हर्ब्स मिलाए जा सकते हैं। जैसे एपल साइडर विनेगर, मेथी, दालचीनी और धनिया के दाने मिलाकर पीने से शरीर में पोटैशियम और सोडियम का संतुलन बना रहता है।
बचाव के उपाय
सक्रिय रहें, संतुलित आहार लें और डीहाइड्रेशन वाली चीजों से बचें, विशेषकर नमक से। नियमित 30 मिनट की एक्सरसाइज करें ताकि शरीर से विषाक्त पदार्थ आसानी से बाहर निकल सकें। अल्कोहल और धूम्रपान से दूर रहें। सेब, अंगूर, स्ट्रॉबेरी और चुकंदर जैसे प्राकृतिक डाययूरेटिक का सेवन करें।
विटामिन बी6 का महत्व
महिलाओं को जल प्रतिधारण से बचने के लिए विटामिन बी6 युक्त आहार लेना चाहिए। यह डाययूरेटिक होते हैं और मूत्र उत्पादन बढ़ाने में मदद करते हैं। बी6 युक्त खाद्य पदार्थ जैसे केला, अखरोट और आलू का सेवन करें।
पोटैशियम का सेवन
पोटैशियम युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करें। जल प्रतिधारण में पोटैशियम और सोडियम का संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। संतरा, तरबूज, केला, अनार, पपीता और आम पोटैशियम के अच्छे स्रोत हैं। सोडियम की मात्रा को कम करने के लिए पोटैशियम मदद करता है, जिससे अतिरिक्त पानी का मूत्र उत्पादन बढ़ता है।