जैसलमेर की यात्रा: तीन दिन में करें इन खूबसूरत स्थलों का अन्वेषण
जैसलमेर, राजस्थान का एक अद्भुत पर्यटन स्थल है, जहां आप तीन दिन में कई खूबसूरत जगहों का अनुभव कर सकते हैं। इस यात्रा में जैसलमेर किला, जैन मंदिर, गड़िसर झील, कुलधरा गांव, और तनोट माता मंदिर शामिल हैं। इस लेख में जानें कि कैसे आप इस यात्रा को यादगार बना सकते हैं।
| Feb 27, 2026, 13:32 IST
जैसलमेर: एक अद्भुत यात्रा
भारत में कई अद्भुत पर्यटन स्थल हैं, और जब बात खूबसूरत राज्यों की होती है, तो राजस्थान का नाम सबसे पहले आता है। यहां के कई शहरों में पर्यटकों की भीड़ हमेशा बनी रहती है। जैसलमेर, जो कैंपिंग, रेगिस्तान और शाही महलों के लिए प्रसिद्ध है, एक बेहतरीन विकल्प है। यदि आप दिल्ली में रहते हैं, तो हम आपको तीन दिन की यात्रा योजना के बारे में बताएंगे, जिसमें आप जैसलमेर की कई आकर्षक जगहों का अनुभव कर सकेंगे।
जैसलमेर की रॉयल विरासत
यात्रा के पहले दिन, सुबह जैसलमेर रेलवे स्टेशन या एयरपोर्ट पर पहुंचकर अपने होटल में चेक-इन करें। फिर जैसलमेर शहर की सैर पर निकलें। सबसे पहले जैसलमेर किला, जिसे सोनार किला भी कहा जाता है, देखने जाएं। यह किला पीले पत्थरों से बना है और यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल की सूची में शामिल है। यहां आज भी लोग निवास करते हैं, और किले के अंदर संकरी गलियां, दुकानें और मंदिर देखने को मिलते हैं।
जैन मंदिर और हवेलियां
किले के भीतर कई जैन मंदिर हैं, जिनकी नक्काशी बेहद बारीकी से की गई है। इसके बाद, पटवों की हवेली की ओर बढ़ें, जो पांच हवेलियों का समूह है। यहां की बालकनियां और खिड़कियां शाही वास्तुकला का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करती हैं।
गड़िसर झील का सूर्यास्त
शाम को गड़िसर झील पर जाएं, जहां सूर्यास्त का दृश्य बेहद मनमोहक होता है। रात में, स्थानीय बाजार में घूमकर हस्तशिल्प, आभूषण और राजस्थानी कपड़े खरीद सकते हैं।
रेगिस्तान और डेजर्ट कैंप
दूसरे दिन, कुलधरा गांव की यात्रा करें, जो एक पुराना और रहस्यमय गांव है। इसके पास खाबा किला है, जहां से रेगिस्तान का अद्भुत दृश्य दिखाई देता है। फिर लोधरवा जैन मंदिर की ओर बढ़ें और सम सैंड ड्यून्स का अनुभव करें, जो जैसलमेर का सबसे प्रसिद्ध रेगिस्तानी क्षेत्र है।
जीप और कैमल सफारी
यहां जीप या ऊंट सफारी का आनंद लें और शाम को रेत पर सूर्यास्त का नजारा देखें। रात में डेजर्ट कैंप में ठहरें, जहां आप संगीत, लोक नृत्य, राजस्थानी भोजन और बोनफायर का मजा ले सकते हैं।
तनोट माता मंदिर और बॉर्डर क्षेत्र
तीसरे दिन, सुबह जल्दी उठकर तनोट माता मंदिर के दर्शन करें, जो भारत-पाकिस्तान सीमा पर स्थित है। इसके बाद, लोंगेवाला युद्ध स्मारक देखें, जहां आपको 1971 की लड़ाई से संबंधित चीजें देखने को मिलेंगी।
सही समय पर यात्रा
जैसलमेर घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च के बीच होता है। इस दौरान हल्के ऊनी कपड़े और सनस्क्रीन साथ रखें। डेजर्ट सफारी के लिए आरामदायक कपड़े पहनें। आप बस, ट्रेन, हवाई जहाज या अपनी गाड़ी से यहां पहुंच सकते हैं।
यदि आपके पास ज्यादा छुट्टी नहीं है, तो एक शुक्रवार की छुट्टी लेकर वीकेंड पर यात्रा की योजना बना सकते हैं, जिससे आपकी यात्रा यादगार बन जाएगी।
