ज्वाला गुट्टा ने ब्रेस्ट मिल्क दान की एक साल की यात्रा साझा की
ज्वाला गुट्टा की प्रेरणादायक यात्रा
बैडमिंटन की स्टार खिलाड़ी और ओलंपिक चैंपियन ज्वाला गुट्टा को किसी परिचय की आवश्यकता नहीं है। हाल ही में, उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा की, जिसमें उन्होंने मां बनने की अपनी एक साल की यात्रा के बारे में बताया। उन्होंने खुलासा किया कि वह अब तक 60 लीटर ब्रेस्ट मिल्क चेन्नई और हैदराबाद के सरकारी अस्पतालों में दान कर चुकी हैं। ज्वाला ने अन्य माताओं को भी ब्रेस्ट मिल्क दान करने के लिए जागरूक और प्रेरित किया है।
ब्रेस्ट मिल्क दान का महत्व
ज्वाला ने बताया कि उन्होंने 2025 में अपनी बेटी को जन्म दिया था। उन्होंने मां के दूध के पैकेट की तस्वीर साझा करते हुए लिखा, 'मैंने एक साल में 60 लीटर ब्रेस्ट मिल्क दान किया है। यह दान छोटे बच्चों के लिए जीवनदायिनी हो सकता है। 100 मिलीलीटर दूध एक किलो के छोटे बच्चे को कई दिनों तक पोषण दे सकता है। यह दान न्यूनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट (NICU) में कई बच्चों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।'
बच्चों के लिए मां का दूध क्यों आवश्यक है?
ज्वाला ने यह भी बताया कि NICU में रखे गए बच्चों के लिए मां का दूध अत्यंत आवश्यक होता है। कई बार प्रेगनेंसी में जटिलताओं, तनाव और प्रीमेच्योर बर्थ के कारण माताओं को दूध नहीं मिल पाता। प्रारंभिक दिनों में मां का दूध बच्चे की इम्यूनिटी को बढ़ाने में मदद करता है।
https://twitter.com/Guttajwala/status/2054952339082264754
उन्होंने आगे कहा, 'दान किया हुआ दूध बच्चों में नेक्रोटाइजिंग एंटरोकोलाइटिस की घटनाओं को कम करने में मदद करता है। आप कैसे मदद कर सकते हैं? अपने स्थानीय अस्पताल से संपर्क करें।'
मां का दूध: जीवनदायिनी
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, हर साल 20 मिलियन से अधिक बच्चे 2.5 किलोग्राम से कम वजन के पैदा होते हैं। ऐसे बच्चों में संक्रामक रोगों और विकास संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। मां का दूध नवजात बच्चों को इन समस्याओं से बचाने में सहायक होता है और पेट संबंधी गंभीर बीमारियों से भी सुरक्षा प्रदान करता है।
