डायबिटीज प्रबंधन के लिए आयुर्वेदिक सुझाव
डायबिटीज के रोगियों के लिए आयुर्वेदिक उपायों और आहार संबंधी सावधानियों पर यह लेख जानकारी प्रदान करता है। इसमें बताया गया है कि कैसे सही आहार और दिनचर्या से इस बीमारी को नियंत्रित किया जा सकता है। जानें दही, मिश्रित आटे की रोटियाँ, और त्रिफला चूर्ण जैसे उपायों के बारे में, जो आपके स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं।
| Jan 20, 2026, 20:20 IST
डायबिटीज और आहार संबंधी सावधानियाँ
हेल्थ कार्नर: आयुर्वेद के अनुसार, जिन व्यक्तियों की भूख अधिक होती है, जो नियमित व्यायाम नहीं करते और स्नान नहीं करते, उन्हें डायबिटीज का खतरा हो सकता है।
नए अनाज जैसे बाजरा, मक्का, दालें और चावल शरीर के तरल प्रवाह में रुकावट डाल सकते हैं। इसलिए, डायबिटीज के रोगियों को एक साल पुराना अनाज खाना चाहिए। आयुर्वेद की चरक संहिता के अनुसार, ऐसे लोग जो अधिक खाते हैं, व्यायाम से दूर रहते हैं और स्नान नहीं करते, उन्हें इस बीमारी का खतरा रहता है।
दही का सेवन:
नए अनाज की तरह, दही भी डायबिटीज के रोगियों के लिए भारी माना जाता है। इसका उपयोग करने से पहले, इसमें से मक्खन निकालना चाहिए।
खाने के बाद पानी न पिएं:

