दाल बनाम चना: कौन सा प्रोटीन स्रोत है आपके लिए बेहतर?
प्रोटीन का महत्व
नई दिल्ली: आज के तेज़-तर्रार जीवन में प्रोटीन एक आवश्यक पोषक तत्व बन गया है। चाहे वजन को नियंत्रित करना हो, शरीर को मजबूत बनाना हो या इम्युनिटी को बढ़ाना हो, प्रोटीन की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। विशेष रूप से भारत में, जहां बड़ी संख्या में लोग शाकाहारी हैं, दाल और चना प्रोटीन के प्रमुख स्रोत माने जाते हैं।
हालांकि, यह सवाल अक्सर उठता है कि दाल अधिक फायदेमंद है या चना। कुछ लोग दाल को हल्का मानते हैं, जबकि अन्य चने को अधिक ताकतवर मानते हैं। इस लेख में हम यह जानेंगे कि प्रोटीन, पाचन, वजन घटाने और मसल्स बनाने के संदर्भ में कौन सा विकल्प बेहतर है।
प्रोटीन की मात्रा
दाल और चना दोनों में प्रोटीन की अच्छी मात्रा होती है, लेकिन कच्ची अवस्था में दाल में प्रोटीन की मात्रा थोड़ी अधिक होती है। 100 ग्राम कच्ची दाल में लगभग 22 से 25 ग्राम प्रोटीन होता है, जबकि 100 ग्राम कच्चे चने में लगभग 19 से 21 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है।
हालांकि, जब इन्हें पकाया जाता है, तो इनका वजन बढ़ता है और प्रति 100 ग्राम प्रोटीन की मात्रा कम हो जाती है। पकी हुई दाल और चने में लगभग 8 से 9 ग्राम प्रोटीन होता है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि पकने के बाद दोनों का प्रोटीन स्तर लगभग समान हो जाता है।
पाचन और आंतों की सेहत
दाल आमतौर पर हल्की होती है और इसे पचाना आसान होता है। इसलिए, यह बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर पाचन वाले लोगों के लिए एक सुरक्षित विकल्प है।
वहीं, चने में फाइबर और रेसिस्टेंट स्टार्च की मात्रा अधिक होती है, जो आंतों की सेहत के लिए लाभकारी है। हालांकि, अधिक मात्रा में चना खाने से कुछ लोगों को गैस या पेट फूलने की समस्या हो सकती है। इसलिए, जिनका पाचन कमजोर है, उनके लिए दाल अधिक उपयुक्त मानी जाती है।
वजन घटाने में कौन अधिक सहायक?
वजन घटाने के संदर्भ में, चना पेट को लंबे समय तक भरा रखने में मदद करता है। इसमें मौजूद फाइबर और स्वस्थ कार्बोहाइड्रेट जल्दी भूख नहीं लगने देते, जिससे ओवरईटिंग से बचा जा सकता है।
दूसरी ओर, दाल हल्की होती है और इसे कम कैलोरी वाली डाइट में आसानी से शामिल किया जा सकता है। यदि आपका लक्ष्य कम कैलोरी में पोषण लेना है, तो दाल एक बेहतर विकल्प बनती है।
अमीनो एसिड की गुणवत्ता
दाल में लाइसिन नामक आवश्यक अमीनो एसिड अच्छी मात्रा में होता है, जो शरीर की मरम्मत और इम्युनिटी को मजबूत करने में सहायक है।
चने का अमीनो एसिड प्रोफाइल अधिक संतुलित होता है, विशेषकर जब इसे चावल या रोटी जैसे अनाज के साथ खाया जाता है। इस दृष्टिकोण से, अमीनो एसिड बैलेंस के मामले में चना दाल से थोड़ा आगे निकल जाता है।
तो, प्रोटीन के मामले में कौन सा बेहतर है?
दाल और चना दोनों अपने-अपने तरीके से फायदेमंद हैं। दाल में प्रोटीन की मात्रा थोड़ी अधिक होती है और यह आसानी से पच जाती है, जबकि चना लंबे समय तक पेट भरा रखता है और अमीनो एसिड का संतुलन बेहतर प्रदान करता है।
यदि आपको हल्का और जल्दी पचने वाला प्रोटीन चाहिए, तो दाल बेहतर है। वहीं, यदि आप लंबे समय तक ऊर्जा चाहते हैं और भूख को नियंत्रित रखना चाहते हैं, तो चना अधिक फायदेमंद साबित होता है। बेहतर यही है कि दोनों को संतुलित तरीके से अपनी डाइट में शामिल किया जाए।
