नागरमोथा: एक अद्भुत औषधीय जड़ी-बूटी के लाभ
नागरमोथा के औषधीय गुण
नागरमोथा, जिसे अक्सर खेतों और बगीचों में खरपतवार के रूप में देखा जाता है, वास्तव में कई अद्भुत औषधीय गुणों से भरपूर है। आयुर्वेद में इसे पाचन, वजन नियंत्रण, त्वचा की देखभाल, महिलाओं के स्वास्थ्य और बुखार जैसी समस्याओं के लिए अत्यंत लाभकारी माना गया है।
पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद
पाचन तंत्र की बात करें तो नागरमोथा भूख को बढ़ाने और पाचन को सुधारने में मदद करती है। यदि आपको मंदाग्नि, पेट में मरोड़ या दस्त जैसी समस्याएं हैं, तो यह जड़ी-बूटी आपके लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकती है। इसे शहद या गुनगुने पानी के साथ लेना सबसे प्रभावी तरीका माना जाता है। यह पेट में हानिकारक कीड़ों को खत्म करने में भी सहायक है।
वजन घटाने में सहायक
नागरमोथा वजन घटाने में भी मददगार है। इसमें मौजूद एंटी-ओबेसिटी गुण शरीर में जमा अतिरिक्त वसा को कम करने में सहायक होते हैं। यदि आप वजन नियंत्रण पर ध्यान दे रहे हैं, तो यह एक प्राकृतिक साथी बन सकता है।
त्वचा और सौंदर्य के लिए लाभ
त्वचा की देखभाल के लिए भी नागरमोथा बेहद फायदेमंद है। इसकी सुगंध और एंटी-बैक्टीरियल गुण त्वचा को साफ और स्वस्थ बनाए रखते हैं। मुंहासे और दाग-धब्बे कम करने के लिए इसका लेप लगाया जा सकता है।
महिलाओं के स्वास्थ्य में योगदान
महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए भी नागरमोथा का महत्व कम नहीं है। यह मासिक धर्म के दौरान होने वाले दर्द को कम करने में मदद करती है और अनियमित पीरियड्स को संतुलित करने में सहायक होती है।
बुखार में राहत
नागरमोथा बुखार को कम करने में भी उपयोगी है। पुराने या बार-बार आने वाले बुखार में इसका काढ़ा शरीर के तापमान को सामान्य करने और प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करता है।
उपयोग की विधि
नागरमोथा में औषधीय गुण मुख्य रूप से इसकी जड़ और छोटे गांठ वाले ट्यूबर में पाए जाते हैं। इन्हें सुखाकर या ताजा रूप में चूर्ण, काढ़ा, तेल या लेप बनाने में इस्तेमाल किया जाता है। पत्तियां और तना भी उपयोग में लाए जाते हैं, लेकिन उनका प्रभाव जड़ के समान नहीं होता।
