नासा का आर्टेमिस-2 मिशन: मार्च में प्रक्षेपण अब संभव नहीं
नासा के आर्टेमिस-2 मिशन का मार्च में प्रस्तावित प्रक्षेपण अब स्थगित कर दिया गया है। तकनीकी समस्याओं के कारण यह निर्णय लिया गया है, जिससे नासा की टीम निराश है। यह मिशन 50 वर्षों बाद चंद्रमा की मानवयुक्त परिक्रमा का प्रयास है। जानें इस मिशन की चुनौतियों और भविष्य की योजनाओं के बारे में।
| Feb 22, 2026, 21:22 IST
आर्टेमिस-2 मिशन का प्रक्षेपण स्थगित
नासा के प्रमुख जैरेड आइजैकमैन ने स्पष्ट किया है कि आर्टेमिस-2 मिशन का प्रस्तावित प्रक्षेपण अब मार्च में नहीं हो सकेगा।
यह मिशन 50 वर्षों के बाद चंद्रमा की मानवयुक्त परिक्रमा का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। हाल की जानकारी के अनुसार, स्पेस लॉन्च सिस्टम रॉकेट में हीलियम प्रवाह से संबंधित तकनीकी समस्या सामने आई है, जिसके कारण मार्च की लॉन्च विंडो को रद्द कर दिया गया है।
आइजैकमैन ने कहा कि लोगों की निराशा स्वाभाविक है, लेकिन सबसे ज्यादा निराशा नासा की टीम को है, जो लंबे समय से इस मिशन की तैयारी कर रही थी। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि 1960 के दशक में जब नासा ने कई बाधाओं का सामना किया था, तब भी उन्होंने असंभव को संभव किया था।
विशाल स्पेस लॉन्च सिस्टम रॉकेट और ओरियन यान को अब फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर के वाहन असेंबली भवन में वापस लाया जाएगा, जहां समस्या की गहन जांच और आवश्यक मरम्मत की जाएगी। आने वाले दिनों में एक विस्तृत ब्रीफिंग की उम्मीद है।
आर्टेमिस-2 मिशन लगभग 10 दिनों का है, जिसमें तीन अमेरिकी और एक कनाडाई अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा की परिक्रमा करेंगे। यह मिशन इंसानों को चंद्र सतह पर वापस भेजने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिसे पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल के दौरान घोषित किया गया था।
नासा ने पहले 6 मार्च को संभावित प्रक्षेपण तिथि बताई थी, लेकिन कार्यक्रम को पहले भी कई बार स्थगित किया जा चुका है। आर्टेमिस-1 का मानवरहित परीक्षण उड़ान नवंबर 2022 में कई स्थगनों के बाद सफलतापूर्वक संपन्न हुआ था।
हाल ही में, फरवरी की शुरुआत में तरल हाइड्रोजन रिसाव जैसी तकनीकी समस्याओं ने रिहर्सल प्रक्रिया को प्रभावित किया था। हालांकि, इस सप्ताह वास्तविक प्रक्षेपण जैसी परिस्थितियों में की गई रिहर्सल सफलतापूर्वक पूरी की गई है।
दूसरी ओर, चीन भी 2030 तक मानवयुक्त चंद्र मिशन की तैयारी कर रहा है। उसका चांग-ई 7 मानवरहित मिशन 2026 में चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव की खोज के लिए प्रस्तावित है।
विशेषज्ञों का मानना है कि चंद्र अभियानों से भविष्य में मंगल ग्रह पर मानव मिशन की तैयारी को गति मिलेगी। फिलहाल, नासा तकनीकी समस्याओं को हल कर सुरक्षित और सफल प्रक्षेपण सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
