नींद की कमी से होने वाले स्वास्थ्य पर प्रभाव
नींद का महत्व
आजकल की तेज़ रफ्तार जिंदगी में लोगों को आराम करने का समय नहीं मिल पाता। न तो वे समय पर अपने कार्य पूरे कर पाते हैं, न ही भोजन का सही समय रख पाते हैं, और नींद तो पूरी करना तो और भी मुश्किल हो गया है। लोग देर रात तक काम करते हैं और फिर खाने के बाद टीवी या मोबाइल का इस्तेमाल करते हुए सो जाते हैं, जिससे उनकी नींद अधूरी रह जाती है।
नींद की कमी के दुष्प्रभाव
एक व्यक्ति के लिए जीवनभर स्वस्थ रहने के लिए कम से कम 8 घंटे की नींद लेना आवश्यक है। समय पर सोना और जागना स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है। अधूरी नींद कई स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है। आइए जानते हैं कि नींद पूरी न होने पर कौन-कौन सी बीमारियाँ हो सकती हैं।
1. नींद की कमी से स्लीपिंग डिसऑर्डर की समस्या उत्पन्न हो सकती है, जिससे नींद में रुकावट आती है या नींद आती ही नहीं।
2. आंखों पर भी नींद की कमी का नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। दिनभर की थकान के कारण आंखों में भी थकान महसूस होती है। पर्याप्त नींद न लेने से आंखों की रोशनी कम हो सकती है और वे लाल तथा भारी हो सकती हैं।
3. नींद की कमी से शरीर में थकान और कमजोरी महसूस होती है, जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता भी घट सकती है।
4. पर्याप्त नींद न लेने से शरीर में हार्मोनल असंतुलन हो सकता है, जिससे तनाव और अनिद्रा की समस्याएं उत्पन्न होती हैं।
5. नींद की कमी से दिल की बीमारियों, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, सिरदर्द और माइग्रेन जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।
6. नींद की कमी से इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है, जिससे मामूली बुखार भी गंभीर रूप ले सकता है।
7. पेट से संबंधित कई रोग भी नींद की कमी के कारण हो सकते हैं, जैसे वात-पित्त, कफ रोग, और जोड़ों, कमर व घुटनों में दर्द।
