नुसरत फतेह अली खान का गाना: पिता-बेटी के रिश्ते की गहराई
सुरीली आवाज का जादू
मुंबई - प्रसिद्ध गायक नुसरत फतेह अली खान की आवाज़ ने हमेशा लोगों के दिलों में एक खास जगह बनाई है। उनके गाने जैसे 'तुम्हें दिल लगीं भूल जानी पड़ेगी', 'नी मैं जाना जोगी दे नाल', 'सांसों की माला पे सिमरू', और 'दिल परदेसी हो गया' को न केवल भारत में, बल्कि विदेशों में भी सराहा गया है।
अंतरराष्ट्रीय पहचान
जापान में उन्हें 'गाता हुआ बुद्ध' और अमेरिका में 'स्वर्ग की आवाज' के नाम से जाना जाता है। हिंदी सिनेमा में भी उनकी आवाज़ ने गहरी छाप छोड़ी है, विशेषकर 2000 में आई फिल्म 'धड़कन' के गाने में।
गाने की रिकॉर्डिंग की कठिनाई
फिल्म 'धड़कन' का गाना 'दूल्हे का सेहरा सुहाना लगता है' नुसरत फतेह अली खान ने गाया था। गाने के लिए उन्होंने पहले शर्त रखी थी कि वे बोल सुनेंगे और अगर उन्हें पसंद आएंगे, तभी गाएंगे। जब रिकॉर्डिंग का समय आया, तो एक विशेष लाइन ने उन्हें भावुक कर दिया।
भावनाओं का ज्वार
जब उन्होंने गाया 'मैं तेरी बाहों के झूले में पली बाबुल', तो उनकी आंखों में आंसू आ गए और गला रुंध गया। यह स्थिति लगभग 150 बार हुई, लेकिन अंततः उन्होंने गाना पूरा किया। नुसरत ने कहा कि अगर वे इस बुखार में गाना नहीं गा पाए, तो शायद कभी नहीं गा पाएंगे।
गाने की मार्मिकता
फिल्म 'धड़कन' का यह गाना आज भी लोगों के दिलों को छूता है। नुसरत फतेह अली खान की आवाज़ और गाने की हर लाइन ने पिता और बेटी के बीच के दर्द को बेहद संवेदनशीलता से प्रस्तुत किया।
