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पश्चिम बंगाल के व्यंजनों की विविधता: मछली से परे

पश्चिम बंगाल में चुनावों के बीच माछ-भात और झालमुड़ी की चर्चा जोरों पर है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि बंगाल में मछली के अलावा भी कई स्वादिष्ट व्यंजन हैं? इस लेख में हम बंगाल के खास व्यंजनों जैसे पुचका, कचौड़ी, और समोसा के बारे में जानेंगे। इसके साथ ही, बंगाल के खान-पान की सामाजिक स्वीकार्यता और विविधता पर भी चर्चा करेंगे।
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पश्चिम बंगाल के व्यंजनों की विविधता: मछली से परे

पश्चिम बंगाल में चुनाव और खान-पान की बहस

देश के चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में चुनाव हो रहे हैं, लेकिन राष्ट्रीय मीडिया का ध्यान पश्चिम बंगाल के माछ-भात और झालमुड़ी पर केंद्रित है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मीम्स बन रहे हैं, जबकि पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर मछली खाते हुए नजर आ रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार भी हाथ में मछली लेकर प्रचार कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का कहना है कि यदि बीजेपी बंगाल में सत्ता में आई, तो बंगालियों का माछ-भात खत्म हो जाएगा। इस समय बंगाल की छवि ऐसी बन गई है कि जैसे वहां केवल माछ-भात और झालमुड़ी ही खाई जाती है।


खान-पान और भूगोल का संबंध

भोजन का संबंध भूगोल से होता है, और यह बात अक्सर अनदेखी की जाती है। उदाहरण के लिए, बिहार में नवरात्रि के दौरान तेजस्वी यादव और मुकेश सहनी जब मछली खाते हैं, तो यह प्रधानमंत्री को खटकता है। वहीं, बंगाल में उम्मीदवार मछली लेकर घूमते हैं, यह दिखाने के लिए कि बीजेपी मांसाहार के खिलाफ नहीं है। इस समय 'माछ-भात' मीडिया में चर्चा का विषय बना हुआ है।


बंगाल के अन्य लोकप्रिय व्यंजन

लोग यह साबित करने में लगे हैं कि वे कितने बड़े मांसाहारी हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि यदि आप कोलकाता आएं और मछली न खाएं, तो आपने कुछ नहीं किया। लेकिन यदि आप सोचते हैं कि बंगाल में केवल नॉनवेज व्यंजन हैं, तो आप गलत हैं। बंगाल में कई अन्य व्यंजन भी हैं जो लोगों को पसंद हैं।


अनिमेष मुखर्जी, लेखक, इतिहास की थाली:-
बंगाल में मांसाहार के प्रति दृष्टिकोण देश के अन्य हिस्सों से भिन्न है। यहां मांसाहार को लेकर लोग सहज हैं। जबकि अन्य राज्यों में नवरात्रि और सावन के दौरान मांस की बिक्री कम हो जाती है, बंगाल में इन दिनों में इसकी खपत बढ़ जाती है। यहां एक ही होटल में शाकाहारी और मांसाहारी दोनों प्रकार के भोजन आसानी से मिलते हैं।


बंगाल के खास व्यंजन

बंगाल आएं तो क्या खाएं, आप खुद तय करें



  • पुचका: उत्तर बंगाल का प्रसिद्ध व्यंजन, जो पानी-पूरी या गोलगप्पा से अलग है। इसका स्वाद मसालेदार आलू और खट्टा-मीठा पानी होता है।

  • कचौड़ी मटर: कोलकाता का स्ट्रीट फूड, जिसमें ताजा मटर और मसालों की स्टफिंग होती है।


अनिमेष मुखर्जी:-
बंगाल का खाना दो प्रकार का होता है। पूर्वी और पश्चिमी बंगाल का खाना अलग है। यहां आलू की खेती अच्छी होती है और आलू के कई व्यंजन प्रसिद्ध हैं।



  • आलू-पोस्तो: यह व्यंजन बंगाल में बहुत लोकप्रिय है। पोस्तो का मतलब खसखस है, जो कई तरह से बनाया जाता है।

  • कलकत्ता बिरयानी: इसमें आलू और मांस दोनों होते हैं, जो इसे खास बनाते हैं।

  • सिंघाड़ा: यह बंगाल का समोसा है, जो स्वाद में अलग होता है।


समोसे का इतिहास

'समोसे की एक बात जो आपको जाननी चाहिए'


अनिमेष मुखर्जी, लेखक, इतिहास की थाली:-
समोसा यायावरों का खाना था, जो लंबी यात्राओं के लिए आसान स्नैक्स था।


कब आया है समोसा?


समोसा 12वीं से 14वीं शताब्दी के बीच भारत आया, जो ईरान और पश्चिम एशिया से आया था।


बंगाल की मिठाइयाँ


  • मिठाई: बंगाल में छेने की मिठाइयाँ जैसे राजभोग और मलाई चमचम बहुत लोकप्रिय हैं।

  • कलकत्ता का चाइनीज खाना: कोलकाता में चाइनीज मूल के लोग आज भी रहते हैं और इंडो चाइनीज खाने का इतिहास 100 साल से भी पुराना है।


खान-पान की सामाजिक स्वीकार्यता

'जो खाना सहजता से मौजूद है, उसी की सामाजिक स्वीकार्यता है'


जहां अनाज आसानी से मिलता है, वहां शाकाहारी लोग ज्यादा होते हैं, जबकि जहां जल स्रोत हैं, वहां मांसाहारी। बंगाल में मांसाहार को लेकर जो सहजता है, वह अन्य जगहों पर कम है।