पिज्जा और बर्गर का अत्यधिक सेवन पुरुषों की प्रजनन क्षमता पर बुरा असर डाल रहा है
पुरुषों की प्रजनन स्वास्थ्य पर खतरा
नई दिल्ली/मुंबई: हाल के चिकित्सा अनुसंधान और विशेषज्ञों की चेतावनियों ने पुरुषों के स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर चिंता का विषय प्रस्तुत किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि अत्यधिक प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ जैसे पिज्जा, बर्गर और चिप्स का अधिक सेवन पुरुषों में बांझपन का एक महत्वपूर्ण कारण बनता जा रहा है।
स्पर्म काउंट में कमी: शोध के अनुसार, जो पुरुष 'वेस्टर्न डाइट' (पिज्जा, बर्गर, फ्रेंच फ्राइज) का सेवन करते हैं, उनके स्पर्म काउंट उन पुरुषों की तुलना में 25 प्रतिशत कम होता है जो फल और हरी सब्जियां खाते हैं।
हार्मोनल असंतुलन: जंक फूड में मौजूद रसायन और प्रिजर्वेटिव्स पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन के स्तर को कम कर सकते हैं और महिला हार्मोन (एस्ट्रोजन) जैसे प्रभाव उत्पन्न कर सकते हैं।
प्लास्टिक रसायनों का खतरा: प्रोसेस्ड फूड की पैकेजिंग में प्रयुक्त 'Phthalates' जैसे रसायन शरीर के 'एंडोक्राइन सिस्टम' को प्रभावित करते हैं, जिससे स्पर्म की गतिशीलता में कमी आती है।
DNA डैमेज: अत्यधिक तैलीय भोजन शरीर में 'ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस' को बढ़ाता है, जिससे स्पर्म के DNA को नुकसान पहुंच सकता है और गर्भपात का खतरा भी बढ़ सकता है।
सावधान !: डॉक्टरों का कहना है कि कैलोरी की मात्रा से ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि भोजन कितना प्रोसेस्ड है। एक अध्ययन में यह पाया गया है कि समान कैलोरी लेने वाले प्रोसेस्ड फूड खाने वाले पुरुषों में प्रजनन स्वास्थ्य में अधिक गिरावट देखी गई।
'हेल्थ एडवाइजरी': अपनी डाइट में मछली, चिकन, हरी सब्जियां, फल और साबुत अनाज शामिल करें। इसके साथ ही रोजाना अखरोट, बादाम और कद्दू के बीज खाने से स्पर्म की गुणवत्ता में सुधार होता है। कोल्ड ड्रिंक्स और एनर्जी ड्रिंक्स से बचें, क्योंकि ये स्पर्म की सांद्रता को तेजी से कम करते हैं। नियमित व्यायाम को अपनी दिनचर्या में शामिल करें, क्योंकि यह हार्मोनल संतुलन बनाए रखने में मदद करता है।
निष्कर्ष: स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यदि खान-पान में सुधार नहीं किया गया, तो भविष्य में 'बांझपन' की समस्या एक गंभीर महामारी का रूप ले सकती है।
