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पैर की नस दबने के कारण और समाधान: जानें कैसे बचें

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अपनी सेहत का ध्यान नहीं रख पा रहे हैं, जिससे पैर की नस दबने की समस्या बढ़ रही है। इस लेख में हम जानेंगे कि पैर की नस दबने के क्या कारण होते हैं, जैसे स्लिप डिस्क, स्पाइनल स्टेनोसिस, चोटें, और गलत पोश्चर। साथ ही, हम इसके लक्षणों और इससे बचने के उपायों पर भी चर्चा करेंगे।
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पैर की नस दबने के कारण और समाधान: जानें कैसे बचें

पैर की नस दबने के कारण

आजकल की तेज़-तर्रार जीवनशैली में, लोग अपनी सेहत की अनदेखी कर रहे हैं। लंबे समय तक कुर्सी पर बैठना, मोबाइल या लैपटॉप पर झुककर काम करना और शारीरिक गतिविधियों की कमी से रीढ़ और नसों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। जब कमर या पैर की नसों पर लगातार दबाव होता है, तो मस्तिष्क और मांसपेशियों के बीच संवेदी संकेत सही तरीके से नहीं पहुंच पाते। इसके परिणामस्वरूप दर्द, सुन्नता और कमजोरी का अनुभव होता है। कई बार यह दर्द कमर से शुरू होकर धीरे-धीरे पैर तक फैल जाता है। यह समस्या अब केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं है, बल्कि युवा, ऑफिस में लंबे समय तक बैठने वाले और खिलाड़ी भी इससे प्रभावित हो रहे हैं। अक्सर इसके लक्षण धीरे-धीरे उभरते हैं, जिससे लोग समय पर डॉक्टर से सलाह नहीं ले पाते। इस लेख में हम पैर की नस दबने के कारणों पर चर्चा करेंगे।


पैर की नस दबने के प्रमुख कारण

स्लिप डिस्क या हर्नियेटेड डिस्क: पैर में नस दबने का सबसे सामान्य कारण स्लिप डिस्क होती है। जब रीढ़ की हड्डी के बीच की डिस्क अपनी जगह से खिसक जाती है, तो यह आसपास की नसों को दबाने लगती है, जिससे दर्द कमर से पैर तक फैल सकता है, जिसे साइटिका कहा जाता है।


स्पाइनल स्टेनोसिस और बोन स्पर: उम्र बढ़ने पर कई लोगों में रीढ़ की नलिका सिकुड़ने लगती है, जिसे स्पाइनल स्टेनोसिस कहा जाता है। इसके अलावा, हड्डियों पर अतिरिक्त बढ़ोतरी यानी बोन स्पर भी बन सकते हैं। ये दोनों स्थितियाँ नसों के लिए जगह कम कर देती हैं, जिससे पैर की नसों पर दबाव पड़ता है और चलने में दर्द या सुन्नपन महसूस होता है।


चोट या एक्सीडेंट: गिरने, सड़क हादसे या खेल गतिविधियों के दौरान लगी चोट के कारण सूजन या आंतरिक क्षति हो सकती है। यह सूजन नसों पर दबाव डालती है, जिससे लंबे समय तक दर्द, झनझनाहट या कमजोरी महसूस हो सकती है।


टाइट मसल्स: केवल हड्डियाँ ही नहीं, बल्कि टाइट मसल्स भी नसों को दबा सकती हैं। हिप और जांग की मांसपेशियों के सख्त होने पर नसें फंस सकती हैं, जिससे दर्द पैर तक फैलता है।


गलत पोश्चर और लंबे समय तक बैठना: ऑफिस में गलत तरीके से बैठकर काम करना या लंबे समय तक बिना आराम किए बैठे रहना पैर की नसों पर बुरा असर डाल सकता है। खराब बैठने की स्थिति से रीढ़ की हड्डी पर अधिक दबाव पड़ता है, जिससे नसें दबने लगती हैं और दर्द या कमजोरी की समस्या उत्पन्न होती है।