प्रोटीन सप्लीमेंट के सेवन से किडनी पर पड़ने वाले प्रभाव
प्रोटीन सप्लीमेंट का बढ़ता चलन
हाल के वर्षों में बॉडीबिल्डिंग और फिटनेस के प्रति बढ़ती रुचि के कारण प्रोटीन सप्लीमेंट का उपयोग काफी बढ़ गया है। एम्स के विशेषज्ञ डॉ. परवेज ने इस बात की पुष्टि की है कि प्रोटीन सप्लीमेंट का किडनी पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने अपने यूट्यूब शॉर्ट वीडियो में इस विषय पर जानकारी साझा की।
किडनी पर प्रोटीन सप्लीमेंट का प्रभाव
जब हम अत्यधिक प्रोटीन सप्लीमेंट का सेवन करते हैं, तो किडनी को इसे प्रोसेस करने में अधिक मेहनत करनी पड़ती है, जिसे हाइपरफिल्ट्रेशन कहा जाता है। यह एक स्वस्थ व्यक्ति के लिए सामान्य हो सकता है, लेकिन लंबे समय तक आवश्यकता से अधिक सप्लीमेंट लेने से किडनी पर दबाव बढ़ सकता है। बॉडीबिल्डिंग के दौरान प्रोटीन का सेवन आवश्यक है, लेकिन इसकी अधिकता से किडनी पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
प्रोटीन के सेवन से शरीर पर प्रभाव
डॉ. परवेज के अनुसार, जब हम प्रोटीन का सेवन करते हैं, तो यह शरीर में पचकर अमीनो एसिड में परिवर्तित हो जाता है। इसके बाद, जो अमीनो एसिड बचते हैं, उन्हें शरीर अमोनिया में बदल देता है। अमोनिया हमारे शरीर के लिए अत्यधिक विषैला होता है और इसे किडनी के माध्यम से बाहर निकाला जाता है। अधिक प्रोटीन के सेवन से अमोनिया का स्तर बढ़ता है, जिससे किडनी पर अधिक दबाव पड़ता है। यह स्थिति उन लोगों के लिए और भी खतरनाक हो सकती है, जिनकी एक ही किडनी है या जो क्रोनिक किडनी डिजीज से ग्रसित हैं।
अधिक प्रोटीन के सेवन के दुष्प्रभाव
नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. शफीक चीमा के अनुसार, अत्यधिक प्रोटीन सप्लीमेंट लेने से कई स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
नेफ्रोटिक सिंड्रोम - अधिक प्रोटीन के सेवन से पेशाब के माध्यम से प्रोटीन का निकलना शुरू हो जाता है, जिससे पैरों में सूजन और कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ सकता है।
वजन बढ़ना - आवश्यकता से अधिक प्रोटीन का सेवन वजन बढ़ा सकता है।
अपच और कब्ज - अधिक प्रोटीन के सेवन से पाचन में समस्या और कब्ज की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
प्रोटीन की उचित मात्रा
डॉ. शफीक चीमा के अनुसार, व्यक्ति को अपने शरीर के वजन के अनुसार प्रोटीन का सेवन करना चाहिए। उदाहरण के लिए, यदि किसी व्यक्ति का वजन 60 किलो है, तो उसे प्रतिदिन लगभग 60 ग्राम प्रोटीन का सेवन करना चाहिए।
