फैटी लिवर से बचाव के लिए योगासन: जानें कैसे करें
फैटी लिवर एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, जो तेजी से बढ़ रही है। इसे नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। इस लेख में, हम कुछ प्रभावी योगासन के बारे में चर्चा करेंगे, जो फैटी लिवर से बचाव में मदद कर सकते हैं। त्रिकोणासन, स्फिंक्स आसन, भुजंगासन, धनुरासन और अर्ध मत्स्येन्द्रासन जैसे आसन न केवल लिवर के स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं, बल्कि तनाव और थकान को भी कम करते हैं। जानें इन आसनों को कैसे करना है और अपने लिवर को स्वस्थ रखें।
| Feb 23, 2026, 12:22 IST
फैटी लिवर: एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या
फैटी लिवर आजकल एक सामान्य समस्या बन गई है, जो तेजी से लोगों को प्रभावित कर रही है। इसके कारण व्यक्ति को कई स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। यह एक गंभीर स्थिति है, जिसे नजरअंदाज करना आपकी सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है। यदि लंबे समय तक इसका इलाज नहीं किया गया, तो यह लिवर फेलियर का कारण बन सकता है।
लिवर का महत्व
लिवर हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है, जो शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करता है। इसके अलावा, यह कई अन्य आवश्यक कार्य भी करता है। इसलिए, अपने लिवर का ध्यान रखना बेहद जरूरी है ताकि गंभीर समस्याओं से बचा जा सके। फैटी लिवर से बचने के लिए सही डाइट के साथ-साथ नियमित एक्सरसाइज और योग भी आवश्यक हैं। इस लेख में, हम कुछ ऐसे योगासन के बारे में चर्चा करेंगे, जो फैटी लिवर से बचाव में सहायक हो सकते हैं।
त्रिकोणासन
त्रिकोणासन
यह एक ट्राएंगल पोज है, जो कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है। यह आसन बाहों, कोर और पैरों को मजबूत करने के साथ-साथ कमर, कूल्हों और हैमस्ट्रिंग की स्ट्रेचिंग में भी मदद करता है। इसके अभ्यास से पाचन क्रिया में सुधार होता है।
त्रिकोणासन कैसे करें
कैसे करें त्रिकोणासन
इस आसन को करने के लिए सबसे पहले सीधे खड़े हो जाएं और अपने पैरों को फैलाएं।
अब दाहिने हाथ को नीचे की ओर झुकाएं और बाएं हाथ को ऊपर की ओर उठाएं।
30 सेकंड तक इस स्थिति में बने रहें और फिर दूसरे हाथ से भी यही करें।
स्फिंक्स आसन
स्फिंक्स आसन
यह आसन रीढ़ की हड्डी के लिए लाभकारी है। स्फिंक्स आसन करने से स्पाइनल कॉर्ड मजबूत होता है। इसके अभ्यास से कंधे, छाती और पेट की मांसपेशियों में खिंचाव आता है, जिससे पेट के अंगों की कार्यप्रणाली में सुधार होता है। यह थकान और तनाव को कम करने में भी मदद करता है।
स्फिंक्स आसन कैसे करें
कैसे करें स्फिंक्स आसन
इस आसन को करने के लिए पेट के बल लेट जाएं।
अब कोहनियों को कंधों के नीचे रखें और छाती को ऊपर की ओर उठाएं।
इस दौरान आपको सीधे देखना है।
इस स्थिति में लगभग 1 मिनट तक रहें और फिर सामान्य स्थिति में लौट आएं।
भुजंगासन
भुजंगासन
भुजंगासन, जिसे कोबरा पोज भी कहा जाता है, कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है। इसे करने से रीढ़ और पीठ की मांसपेशियों को मजबूती मिलती है, पोश्चर में सुधार होता है और पीठ में लचीलापन बढ़ता है।
भुजंगासन कैसे करें
कैसे करें भुजंगासन
इस आसन को करने के लिए पेट के बल लेट जाएं और दोनों हथेलियों को कंधों के नीचे रखें।
फिर सांस लेते हुए छाती और सिर को एक साथ ऊपर उठाएं।
30 सेकंड तक इसी स्थिति में रहें और इस प्रक्रिया को 1 से 3 बार दोहराएं।
धनुरासन
धनुरासन
धनुरासन, जिसे बो पोज भी कहा जाता है, पीठ और पेट की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है। नियमित रूप से इस आसन का अभ्यास करने से रीढ़ की हड्डी में लचीलापन बढ़ता है। यह छाती और कंधों को खोलता है, पोश्चर में सुधार करता है और थकान, पाचन और तनाव को कम करने में मदद करता है।
धनुरासन कैसे करें
कैसे करें धनुरासन
इस आसन को करने के लिए पेट के बल लेट जाएं।
फिर पैरों को मोड़कर टखनों को पकड़ें।
अपनी छाती और पैरों को ऊपर की ओर उठाएं।
30 सेकंड तक इस स्थिति में रहें और फिर इसे 1-2 बार दोहराएं।
अर्ध मत्स्येन्द्रासन
अर्ध मत्स्येन्द्रासन
यह आसन पाचन और रीढ़ की हड्डी के लिए फायदेमंद है। यह तनाव से राहत दिलाने में मदद करता है। इसके अभ्यास से रीढ़ की हड्डी में लचीलापन बढ़ता है और पीठ दर्द से राहत मिलती है। यह पेट के अंगों की कार्यप्रणाली में सुधार करता है, जिससे पाचन में सुधार होता है और कब्ज की समस्या भी दूर होती है।
अर्ध मत्स्येन्द्रासन कैसे करें
कैसे करें अर्ध मत्स्येन्द्रासन
इस आसन को करना बहुत आसान है। एक पैर को मोड़ें और दूसरे पैर को सीधा रखें।
फिर शरीर को घुमाएं और पीछे की ओर देखें।
1 मिनट तक इसी स्थिति में रहें और फिर दूसरी तरफ भी ऐसा ही करें।
