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बालों के लिए खारे पानी के दुष्प्रभाव और बचाव के उपाय

आजकल के प्रदूषित वातावरण और तनाव के कारण बालों की समस्याएं बढ़ रही हैं। खारे पानी का उपयोग बालों को नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे झड़ना, रुखापन और डैंड्रफ जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। इस लेख में, हम जानेंगे कि खारे पानी से बालों को कैसे बचाया जा सकता है और इसके प्रभाव को कम करने के लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं।
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बालों के लिए खारे पानी के दुष्प्रभाव और बचाव के उपाय

बालों की समस्याएं और खारे पानी का प्रभाव

आजकल, तनाव और प्रदूषण के कारण कई लोगों को बालों के झड़ने, रुखापन और डैंड्रफ जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। प्रदूषित पानी न केवल स्वास्थ्य पर असर डालता है, बल्कि यह बालों को भी नुकसान पहुंचाता है। विशेष रूप से खारा या हार्ड वाटर, जो नहाने और बाल धोने के लिए उपयोग किया जाता है, धीरे-धीरे बालों को प्रभावित कर सकता है। अक्सर लोग विभिन्न उपाय करते हैं, लेकिन बालों का झड़ना कम नहीं होता। इसका मुख्य कारण शैंपू या तेल नहीं, बल्कि खारे पानी का उपयोग हो सकता है।


खारे पानी की विशेषताएँ

एक स्वास्थ्य विशेषज्ञ के अनुसार, हार्ड वाटर में कैल्शियम, मैग्नीशियम और अन्य मिनरल्स की मात्रा सामान्य से अधिक होती है। यह पानी भले ही साफ दिखता हो, लेकिन इसके मिनरल्स बालों और स्कैल्प पर जमने लगते हैं। जब लोग खारे पानी से बाल धोते हैं, तो शैंपू झाग नहीं बनाता और तेल तथा कंडीशनर का प्रभाव कम हो जाता है। इसके परिणामस्वरूप, बालों को आवश्यक पोषण मिलना बंद हो जाता है, और लोग इसे उम्र, तनाव या मौसम का प्रभाव मान लेते हैं।


खारे पानी से बाल धोने के नुकसान

- बालों का अत्यधिक झड़ना।


- बालों का रुखा और बेजान होना।


- स्कैल्प में खुजली और डैंड्रफ।


- बालों का पतला होना।


- शैंपू करने के बाद भी बालों का चिपचिपा महसूस होना।


खारे पानी से बचने के उपाय

फिल्टर या RO पानी का उपयोग: हर समय फिल्टर या RO पानी का उपयोग करना संभव नहीं होता। इसलिए, सप्ताह में एक या दो बार RO या फिल्टर किए हुए पानी से बाल धोना फायदेमंद होता है, क्योंकि यह बालों पर जमे मिनरल्स की परत को हटाने में मदद करता है।


आंवला पानी से बालों को धोना: आयुर्वेद में आंवला को बालों के लिए चमत्कारिक माना गया है। आंवला से रिंस करने के लिए, दो चम्मच सूखा आंवला पाउडर रातभर पानी में भिगोकर छान लें और शैंपू के बाद इसे आखिरी रिंस के रूप में उपयोग करें। इससे बालों को नैचुरल कंडीशनिंग मिलती है और रुखापन कम होता है।


सिरका या नींबू पानी का हल्का इस्तेमाल: खारे पानी से स्कैल्प का pH बिगड़ जाता है। एक मग पानी में एक चम्मच सेब का सिरका या नींबू का रस मिलाकर आखिरी रिंस के रूप में उपयोग करें। ध्यान रखें कि मात्रा अधिक न हो, अन्यथा बाल और अधिक रूखे हो सकते हैं।


नारियल तेल में भृंगराज मिलाकर मालिश: खारे पानी से बाल धोने पर रूखापन बढ़ सकता है। इसलिए, सप्ताह में दो बार नारियल तेल में भृंगराज मिलाकर सिर की अच्छी तरह मालिश करें। यह मिश्रण बालों की जड़ों को पोषण देकर उन्हें मजबूत बनाता है।


रीठा-शिकाकाई का काढ़ा: यदि खारा पानी है, तो केमिकल शैंपू की जगह कभी-कभी नेचुरल तरीके अपनाएं। रीठा और शिकाकाई को उबालकर ठंडा करें और इस काढ़े से बाल धोएं। इससे स्कैल्प साफ होता है और खारे पानी का असर कम होता है।