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ब्राउन फैट: सर्दियों में शरीर का सुरक्षा कवच और वजन कम करने में सहायक

ब्राउन फैट, जिसे सर्दियों में शरीर का सुरक्षा कवच माना जाता है, वजन कम करने और मेटाबॉलिज्म बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह व्हाइट फैट से अलग है और ऊर्जा की आवश्यकता के समय बर्न होकर शरीर को ऊर्जावान बनाए रखता है। जानें इसके स्वास्थ्य लाभ और इसे सक्रिय करने के उपाय।
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ब्राउन फैट: सर्दियों में शरीर का सुरक्षा कवच और वजन कम करने में सहायक

ब्राउन फैट और व्हाइट फैट का अंतर

नई दिल्ली: जब भी लोग वसा या फैट का नाम सुनते हैं, उनके चेहरे पर चिंता की लकीरें आ जाती हैं। आमतौर पर फैट को मोटापे से जोड़ा जाता है, जो कि कुछ हद तक सही भी है। हालांकि, शरीर में दो प्रकार के फैट होते हैं: व्हाइट फैट और ब्राउन फैट।


ब्राउन फैट की विशेषताएँ

विशेषज्ञों के अनुसार, ब्राउन फैट वास्तव में व्हाइट फैट का एक रूप है, लेकिन इनकी कार्यप्रणाली में महत्वपूर्ण अंतर है। व्हाइट फैट ऊर्जा को स्टोर करता है, जबकि जब यह कैलोरी बर्न करने की प्रक्रिया में बदलता है, तो इसे ब्राउन फैट या ब्राउन एडिपोज टिश्यू कहा जाता है। इस प्रकार, ब्राउन फैट ऊर्जा की आवश्यकता के समय बर्न होकर शरीर को सक्रिय रखता है और ऊष्मा भी प्रदान करता है।


ब्राउन फैट का महत्व

ब्राउन फैट शरीर में मोटापा बढ़ाने के बजाय कम करने में मदद करता है और मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है। यह सर्दियों में शरीर को गर्म रखने में भी सहायक होता है, क्योंकि यह खुद बर्न होकर गर्मी उत्पन्न करता है। इसमें माइटोकॉन्ड्रिया की अधिकता होती है।


ब्राउन फैट की कमी के प्रभाव

ब्राउन फैट की कमी का मतलब है कि शरीर में व्हाइट फैट की अधिकता है, जिससे थकान, ऊर्जा की कमी, धीमा मेटाबॉलिज्म, अधिक ठंड लगना, वजन बढ़ना और इंसुलिन रेजिस्टेंस का खतरा बढ़ जाता है।


ब्राउन फैट को सक्रिय करने के उपाय

ब्राउन फैट आहार से नहीं मिलता, बल्कि इसे सक्रिय करना आवश्यक है। इसके लिए संतुलित आहार के साथ नियमित व्यायाम करना चाहिए।