Newzfatafatlogo

भारत में युवाओं में हार्ट अटैक के बढ़ते मामले: जानें कारण और बचाव के उपाय

भारत में हार्ट अटैक के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है, खासकर 15 से 29 वर्ष के युवाओं में। हाल ही में एक सर्वे में यह सामने आया है कि पिछले सात वर्षों में हृदय संबंधी बीमारियों की घटनाएं तीन गुना बढ़ गई हैं। इस लेख में हम जानेंगे कि युवाओं में हार्ट अटैक के क्या कारण हैं, जैसे शारीरिक गतिविधियों की कमी, जंक फूड का सेवन, तनाव, और धूम्रपान। इसके साथ ही, हम कुछ प्रभावी बचाव के उपाय भी साझा करेंगे, जैसे संतुलित आहार और नियमित व्यायाम।
 | 
भारत में युवाओं में हार्ट अटैक के बढ़ते मामले: जानें कारण और बचाव के उपाय

हार्ट अटैक की बढ़ती घटनाएं

भारत में हृदयाघात के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है। सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) के अनुसार, विश्वभर में 10 में से 7 व्यक्तियों को हार्ट अटैक का सामना करना पड़ता है। हाल ही में नेशनल स्टैटिस्टिकल ऑर्गनाइजेशन (NSO) द्वारा किए गए एक सर्वे में यह सामने आया है कि पिछले सात वर्षों में भारत में हार्ट अटैक की घटनाएं तीन गुना बढ़ गई हैं। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 15 से 29 वर्ष के युवाओं में हृदय संबंधी समस्याएं बढ़ी हैं, जबकि पहले ये बीमारियां आमतौर पर 50 या 60 वर्ष की आयु के बाद होती थीं.


युवाओं में हार्ट अटैक का खतरा

दिल की बीमारियां आज के समय में सबसे गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं में से एक बन गई हैं। उम्र बढ़ने के साथ हार्ट अटैक का खतरा भी बढ़ता है। आइए जानते हैं कि युवाओं में हार्ट अटैक के क्या कारण हैं और इससे कैसे बचा जा सकता है?


उम्र के अनुसार हार्ट अटैक का खतरा

  • 0 से 4 साल - 0.3%
  • 5 से 14 साल - 0.2%
  • 15 से 29 साल - 2.1%
  • 30 से 44 साल - 15.31%
  • 45 से 59 साल - 30.1%
  • 60 साल के ऊपर - 37.8%


सर्वे में यह भी पाया गया कि 15 से 29 वर्ष के 27% लोग संक्रमण के कारण अस्पताल में भर्ती हुए हैं। इस आयु वर्ग में 3.4% लोग हृदय संबंधी बीमारियों के कारण भर्ती हुए हैं, जो चिंताजनक है। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि शहरी क्षेत्रों में रहने वाले पुरुषों में हार्ट संबंधी बीमारियों के मामले बढ़े हैं।


युवाओं में हृदय संबंधी बीमारियों के बढ़ने के कारण

शारीरिक गतिविधियों की कमी: अधिकांश लोग डेस्क जॉब करते हैं, जिससे वे लंबे समय तक एक ही स्थान पर बैठे रहते हैं। यह मोटापे का कारण बनता है, जो हृदय संबंधी बीमारियों को बढ़ाता है.


जंक फूड का सेवन: आजकल लोग घर का खाना कम और बाहर का तला-भुना खाना ज्यादा पसंद करते हैं। इनमें रिफाइंड कार्ब्स और शुगर होते हैं, जो शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाते हैं। उच्च कोलेस्ट्रॉल हृदय के लिए हानिकारक है.


तनाव: आज की तेज़-तर्रार जिंदगी में युवा छोटी-छोटी बातों पर तनाव लेते हैं। ऑफिस का दबाव, वित्तीय समस्याएं और व्यक्तिगत जीवन की चुनौतियां तनाव का कारण बनती हैं, जिससे कोर्टिसोल और एड्रेनालिन हार्मोन का स्तर बढ़ता है, जो रक्तचाप को प्रभावित कर सकता है.


स्मोकिंग और शराब: आजकल स्मोकिंग और शराब पीना एक ट्रेंड बन गया है। ये दोनों चीजें दिल के लिए हानिकारक हैं। स्मोकिंग से रक्तचाप बढ़ता है और ऑक्सीजन का स्तर कम होता है, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ता है.


बचाव के उपाय

  • संतुलित आहार लें: अपनी डाइट में फल, सब्जियां, साबुत अनाज और ओमेगा 3 युक्त खाद्य पदार्थ शामिल करें.
  • रोजाना 30 से 45 मिनट तक व्यायाम करें.
  • 30 वर्ष की उम्र के बाद हर महीने स्वास्थ्य जांच करवाएं.
  • शराब, सिगरेट और तंबाकू से पूरी तरह परहेज करें.