मिल्की मशरूम: डायबिटीज नियंत्रण में सहायक नई रिसर्च

डायबिटीज के लिए लाभकारी मशरूम
डायबिटीज के लक्षण: हालिया अध्ययन में यह सामने आया है कि डायबिटीज या उच्च रक्त शर्करा के मरीजों के लिए एक विशेष प्रकार की मशरूम, जिसे मिल्की मशरूम कहा जाता है, का सेवन ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में सहायक हो सकता है। हिमाचल प्रदेश के सोलन में की गई इस रिसर्च के अनुसार, नियमित रूप से इस मशरूम का सेवन करने से इंसुलिन संवेदनशीलता में वृद्धि होती है और रक्त में ग्लूकोज का स्तर स्वाभाविक रूप से संतुलित रहता है। डायबिटीज एक जीवनशैली से संबंधित बीमारी है, जो अस्वस्थ खान-पान और अव्यवस्थित जीवनशैली के कारण होती है। इसके चलते युवाओं में इसकी संभावना बढ़ गई है। आइए जानते हैं इस मशरूम के विशेष गुणों के बारे में।
रिसर्च में मिली नई जानकारी
हिमाचल प्रदेश के सोलन में खुंब अनुसंधान निदेशालय ने एक नई मशरूम प्रजाति की खोज की है, जिसे मिल्की मशरूम कहा जाता है। यह मशरूम दूध के समान सफेद होती है और इसमें बटन मशरूम की तरह कोई दाग नहीं होता। इसे कम लागत में अधिक मात्रा में उगाया जा सकता है, जिससे यह किसानों के लिए भी लाभकारी साबित होगा।
डायबिटीज रोगियों के लिए राहत
डायबिटीज के मरीजों के लिए यह जानकारी राहत देने वाली है, खासकर वे लोग जो दवाओं के दुष्प्रभावों से बचना चाहते हैं या प्राकृतिक उपायों की तलाश में हैं। इस अध्ययन में शोधकर्ताओं ने बताया कि मशरूम में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और बायोएक्टिव यौगिक रक्त शर्करा को स्थिर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विटामिन-सी से भरपूर
शोध में शामिल विशेषज्ञ सीएस वैद्या और एमएल शर्मा के अनुसार, मिल्की मशरूम विटामिन-सी से भरपूर होती है। 100 ग्राम मिल्की मशरूम में 8.60 ग्राम विटामिन-सी पाया जाता है। इसके अलावा, इसमें विटामिन-बी 3 और नाइसिन भी मौजूद होते हैं, जो शरीर में भोजन को ऊर्जा में बदलने में मदद करते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जापान और चीन के बाद भारत में इस मशरूम की खेती तेजी से बढ़ रही है और अगले दो वर्षों में भारत जापान को पीछे छोड़ सकता है। यह मशरूम फाइबर से भी भरपूर है, जो रक्त शर्करा को नियंत्रित रखने में सहायक है।
टाइप-2 डायबिटीज के प्रारंभिक लक्षण
- बार-बार पेशाब आना।
- अत्यधिक प्यास लगना।
- अचानक वजन में वृद्धि या कमी।
- धुंधला दृष्टि।
- घावों का जल्दी न भरना।