(हेल्थ कार्नर): अमेरिका में हर साल लगभग 8.5 लाख लोग अनियमित धड़कन के कारण अस्पताल जाते हैं। इस समस्या से राहत पाने में मैगनीशियम का रिलैक्सिंग प्रभाव सहायक होता है।
शरीर को कई खनिज तत्वों की आवश्यकता होती है। इनकी कमी से विभिन्न बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है। जैसे, आयरन की कमी से एनीमिया और कैल्शियम की कमी से ऑस्टियोपोरोसिस होता है। मैगनीशियम भी एक महत्वपूर्ण खनिज है, जो मानव शरीर की हर कोशिका में पाया जाता है। हालांकि, इसकी मात्रा स्वस्थ शरीर में 50 ग्राम से कम होती है।
मैगनीशियम का योगदान कैल्शियम और विटामिन-सी के संचालन में महत्वपूर्ण है, और यह स्नायुओं तथा मांसपेशियों की कार्यक्षमता को बनाए रखने में मदद करता है। इसके अलावा, यह कई एंजाइमों को सक्रिय करने में भी सहायक है। यदि शरीर में मैगनीशियम की कमी होती है, तो यह उच्च रक्तचाप और मधुमेह का खतरा बढ़ा सकता है। एक अध्ययन के अनुसार, मैगनीशियम और विटामिन-बी6 किडनी और पित्ताशय की पथरी के जोखिम को कम करने में मददगार हैं। अधिक व्यायाम करने से भी शरीर में मैगनीशियम की कमी हो सकती है, इसलिए इसकी पूर्ति पर ध्यान देना आवश्यक है।
शरीर के लिए अमृत है
भारत में खराब जीवनशैली के कारण डायबिटीज की समस्या तेजी से बढ़ रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, 2025 तक भारत में मधुमेह रोगियों की संख्या 5.5 करोड़ से अधिक हो जाएगी। मैगनीशियम डायबिटीज के खतरे को कम करने में सहायक है। यह एंजाइमों के साथ मिलकर ग्लूकोज का निर्माण करता है, जिससे मधुमेह का जोखिम घटता है। इसके अलावा, संतुलित मैगनीशियम स्तर इंसुलिन उत्पादन की प्रक्रिया को भी बेहतर बनाता है।
दिल के लिए फायदेमंद
हृदय रोगों के कारण दुनिया में असामयिक मौतें हो रही हैं, और इसके पीछे एक कारण शरीर में मैगनीशियम की कमी भी है। यह ऑक्सीजन की आपूर्ति को सुनिश्चित करता है और रक्त के थक्के बनने से रोकता है। यह तनाव के समय में मांसपेशियों की लचीलापन बनाए रखता है और धमनियों में रुकावट की दर को कम करता है। विशेषज्ञ दिल को स्वस्थ रखने के लिए ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करने की सलाह देते हैं, जिनमें मैगनीशियम की अच्छी मात्रा हो। नींद न आना, त्वचा में खिंचाव, लंबे समय से दर्द और मांसपेशियों में ऐंठन, ये सभी मैगनीशियम की कमी के संकेत हो सकते हैं।

रक्तचाप को संतुलित करना
जब रक्त शिराएं मैगनीशियम की कमी के कारण संकुचित हो जाती हैं, तो दिल को रक्त संचारित करने के लिए अधिक प्रयास करना पड़ता है, जिससे रक्तचाप बढ़ता है। मैगनीशियम रक्त शिराओं को लचीला बनाकर ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद करता है। हाल ही में जापान में एक अध्ययन में पाया गया कि जो लोग अपने आहार में मैगनीशियम शामिल करते हैं, उनमें उच्च रक्तचाप की समस्या कम होती है।
हड्डियों को मजबूती
यह माना जाता था कि ऑस्टियोपोरोसिस कैल्शियम की कमी से होता है, लेकिन मैगनीशियम भी इस बीमारी से लड़ने के लिए आवश्यक है। यह हार्मोन को नियंत्रित करता है, जो शरीर में मिनरल मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाकर हड्डियों को मजबूत करने में मदद करता है।
मैगनीशियम के स्रोत
हरी पत्तेदार सब्जियां, साबुत अनाज, नट्स, मूंगफली, बादाम, काजू, सोयाबीन, केले, खुबानी, कद्दू, दही, दूध, चॉकलेट और तुलसी में मैगनीशियम प्रचुर मात्रा में होता है। इसके अलावा, यह फूड सप्लीमेंट के रूप में भी उपलब्ध है, जिसे डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ की सलाह पर लिया जा सकता है।
– पर्याप्त मात्रा में मैगनीशियम लेने से 30 प्रतिशत बीमारियों से बचा जा सकता है।
– ब्लड प्रेशर और गठिया में मैगनीशियम लेने से 30 प्रतिशत जल्दी रिकवरी होती है।
– एक स्वस्थ मानव शरीर में मैगनीशियम की मात्रा 50 प्रतिशत से कम होती है।

ध्यान देने योग्य बातें
यदि आप रोजाना पेस्ट्री, केक, बर्गर, कैंडी और अन्य मीठे खाद्य पदार्थों का सेवन करते हैं, तो सावधान रहें क्योंकि इनमें मैगनीशियम की मात्रा बहुत कम होती है और ये खाद्य पदार्थ किडनी को इस तत्व को बाहर निकालने के लिए प्रेरित करते हैं। इस प्रकार, ये जंकफूड शरीर में मैगनीशियम की कमी कर सकते हैं और आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को कम कर सकते हैं।
सिरदर्द में राहत
81 रोगियों पर किए गए एक अध्ययन में यह पाया गया कि मैगनीशियम की संतुलित मात्रा देने से माइग्रेन अटैक की संख्या में कमी आई। मैगनीशियम ने माइग्रेन और सिरदर्द की समस्या से राहत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
आवश्यक मात्रा
एक सामान्य व्यक्ति को प्रतिदिन फल, सब्जियों और सूखे मेवों के माध्यम से 400 मिलीग्राम मैगनीशियम की आवश्यकता होती है। गर्भवती महिलाओं को 450 मिलीग्राम, बच्चों को 200 और खिलाड़ियों को 600 मिलीग्राम मैगनीशियम की आवश्यकता होती है।
