युवाओं में दिल के दौरे का बढ़ता खतरा: जानें कारण और उपाय
दिल की बीमारियों का बढ़ता खतरा
भारत में हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है, और अब यह समस्या केवल वृद्ध लोगों तक सीमित नहीं रही। हाल के आंकड़ों के अनुसार, हर चार में से एक व्यक्ति की मौत का कारण हार्ट अटैक बन चुका है, जो इसे एक गंभीर स्वास्थ्य संकट बना रहा है।
दिल्ली के GB Pant Hospital में हुए एक अध्ययन ने चौंकाने वाले परिणाम प्रस्तुत किए हैं। इस रिसर्च में पाया गया कि लगभग 80 प्रतिशत मरीज, जिन्हें पहले 'लो-रिस्क' माना गया था, बाद में हार्ट अटैक का शिकार हो गए। यह अध्ययन 6,000 से अधिक मरीजों के डेटा का विश्लेषण करता है, जो दर्शाता है कि भारत में दिल की बीमारियों का पैटर्न तेजी से बदल रहा है।
युवाओं में बढ़ता खतरा
रिपोर्ट के अनुसार, 20 से 30 वर्ष की आयु के बीच हार्ट अटैक के मामले 5 से 10 प्रतिशत तक पहुंच चुके हैं। यह संख्या लगातार बढ़ रही है, जो चिंता का विषय है। इस आयु वर्ग में अक्सर बिना किसी स्पष्ट लक्षण के अचानक दिल का दौरा आ रहा है। 30 से 40 वर्ष की आयु में यह खतरा और भी बढ़ जाता है।
अध्ययन में यह भी सामने आया कि 40 से 50 वर्ष के लोगों में लगभग 25 प्रतिशत मामले दर्ज किए गए। वहीं, 50 से 60 वर्ष के आयु वर्ग में यह आंकड़ा 30 से 35 प्रतिशत के बीच रहा। 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में मृत्यु दर सबसे अधिक देखी गई है।
दिल पर बढ़ता दबाव
आज की तेज़-तर्रार जिंदगी में करियर का तनाव, आर्थिक दबाव और नींद की कमी दिल की सेहत पर नकारात्मक प्रभाव डाल रही है। धूम्रपान, वेपिंग और नशे की आदतें रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाती हैं। लंबे समय तक एक ही स्थान पर बैठकर काम करना, जंक फूड का अधिक सेवन और तनावपूर्ण जीवनशैली कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
दिल की बीमारियों से बढ़ती मौतें
दिल्ली में दिल और रक्त संचार से जुड़ी बीमारियों के कारण 2024 में 34,000 से अधिक मौतें हुईं। पिछले 20 वर्षों में, दिल की बीमारियों के कारण 3 लाख से अधिक लोगों की जान जा चुकी है।
इसके पीछे के कारण
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रदूषण, तनावपूर्ण जीवनशैली, डायबिटीज और उच्च रक्तचाप इसके मुख्य कारण हैं। भारत के लिए अलग हार्ट रिस्क आकलन मॉडल तैयार करने की आवश्यकता पर जोर दिया जा रहा है।
डॉक्टरों की सलाह है कि केवल 'नॉर्मल' रिपोर्ट पर भरोसा करना सही नहीं है। नियमित स्वास्थ्य जांच कराना आवश्यक है। संतुलित आहार, रोजाना व्यायाम और तनाव को नियंत्रित रखना दिल को स्वस्थ रखने के लिए महत्वपूर्ण है।
