योगासन से घुटनों के दर्द में राहत पाने के उपाय
जोड़ों के दर्द की समस्या
जोड़ों के दर्द की समस्या केवल वृद्ध लोगों में ही नहीं, बल्कि युवा पीढ़ी में भी देखने को मिलती है। बदलती जीवनशैली और अस्वास्थ्यकर आहार के कारण कई स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न होती हैं, जिनमें घुटनों और कमर का दर्द प्रमुख है। विभिन्न आयु वर्ग के लोग अक्सर घुटनों में दर्द का अनुभव करते हैं। इस दर्द को कम करने के लिए योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करना एक अच्छा विकल्प हो सकता है। हालांकि, गंभीर मामलों में चिकित्सक से परामर्श लेना आवश्यक है। इस लेख में, हम कुछ योगासनों के बारे में चर्चा करेंगे, जो घुटनों के दर्द और अकड़न से राहत दिलाने में सहायक हो सकते हैं।
इन योगासनों से पाएं घुटनों के दर्द से राहत
त्रिकोणासन
यह आसन घुटने के जोड़ के आस-पास की मांसपेशियों को लक्षित करता है। त्रिकोणासन का अभ्यास करने से क्वाड्रिसेप्स को मजबूत करने, लचीलेपन में सुधार और घुटनों की स्थिरता बढ़ाने में मदद मिलती है।
त्रिकोणासन कैसे करें
इस आसन को करने के लिए पहले पैरों को 3-4 फीट की दूरी पर रखकर खड़े हों।
फिर दाहिने पैर को 90 डिग्री के कोण पर बाहर की ओर मोड़ें और बाएं पैर को थोड़ा अंदर की ओर मोड़ें।
अपनी बाहों को जमीन के समानांतर फैलाएं।
अब दाहिने पैर पर झुकें और अपर बॉडी को दाहिने पैर की ओर नीचे लाएं।
दाहिने हाथ को टखने, काफ या फर्श पर रखें और बाएं हाथ को छत की ओर बढ़ाएं।
अब दोनों पैरों को सीधा रखें और अपनी जांघ की मांसपेशियों को सक्रिय करें।
30 सेकंड से 1 मिनट तक इस मुद्रा में रहें और फिर दूसरी ओर दोहराएं।
वीरभद्रासन II कैसे करें
इस आसन की शुरुआत खड़े होकर करें और बायां पैर पीछे ले जाएं। दायां पैर आगे की ओर रखें।
अपने दाहिने घुटने को 90 डिग्री के कोण पर मोड़ें, जो टखने के साथ संरेखित हो।
अपनी बाहों को जमीन के समानांतर फैलाएं और हथेलियों को नीचे की ओर रखें।
अपने कंधों को ढीला रखें और दाहिनी उंगलियों पर ध्यान केंद्रित करें।
अब 30 सेकंड से 1 मिनट तक इस स्थिति में रहें और फिर दूसरी ओर जाएं।
वृक्षासन कैसे करें
वृक्षासन का अभ्यास करने से पहले खड़े हो जाएं और अपना वजन दाहिने पैर पर डालें।
अब बाएं पैर को उठाएं और घुटने के जोड़ से बचते हुए दाहिने पैर की भीतरी जांघ पर रखें।
अपनी हथेलियों को छाती के सामने एक साथ लाएं या बाहों को ऊपर की ओर फैलाएं।
संतुलन के लिए अपनी नजर एक निश्चित बिंदु पर केंद्रित करें।
फिर 30 सेकंड से 1 मिनट तक इसी मुद्रा में रहें और फिर दूसरे पैर पर आ जाएं।
