Newzfatafatlogo

योगी आदित्यनाथ ने स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए दिए निर्देश

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। उन्होंने सरकारी अस्पतालों में इलाज और आपात सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार पर जोर दिया। इसके साथ ही, चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में भी सुधार की आवश्यकता पर बल दिया। प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या में वृद्धि और नर्सिंग शिक्षा के विस्तार की जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री ने आयुष्मान योजना के तहत गरीब परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में भी कदम उठाए हैं।
 | 
योगी आदित्यनाथ ने स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए दिए निर्देश

मुख्यमंत्री का स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर


उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभागों की समीक्षा करते हुए स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का लाभ सीधे जनता को मिलना चाहिए।


उन्होंने निर्देश दिए कि सरकारी अस्पतालों में इलाज, जांच, दवाओं और आपात सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार होना चाहिए। इसके साथ ही, मेडिकल कॉलेजों, नर्सिंग संस्थानों और सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं को आधुनिक तकनीक और बेहतर मानव संसाधनों से सशक्त किया जाना चाहिए।


सीएम योगी ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा का उद्देश्य केवल संस्थानों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि प्रदेश को प्रशिक्षित चिकित्सक और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्यकर्मी उपलब्ध कराना है। उन्होंने मेडिकल संस्थानों में आधुनिक उपकरणों और रिसर्च गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।


बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 108 जनपदीय चिकित्सालय, 106 विशिष्ट चिकित्सालय, 976 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 3757 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 27,668 स्वास्थ्य उपकेंद्र संचालित हैं। वर्ष 2025-26 में सरकारी अस्पतालों में 26.41 करोड़ ओपीडी सेवाएं और 1.23 करोड़ आईपीडी सेवाएं दी गईं।


वर्ष 2016-17 की तुलना में सत्र 2025-26 तक प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 44 से बढ़कर 83 हो गई है, जो 88.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।


पिछले 10 वर्षों में पीजी सीटों की संख्या 1344 से बढ़कर 5067 हो गई है, जबकि एमबीबीएस सीटें 5390 से बढ़कर 12800 तक पहुंच गई हैं। नर्सिंग शिक्षा के विस्तार की जानकारी देते हुए बताया गया कि प्रदेश में वर्तमान में 652 नर्सिंग संस्थान संचालित हैं।


‘मिशन निरामया 1.0’ के तहत नर्सिंग शिक्षा में सुधारों की जानकारी भी दी गई। 17 हजार स्कूलों में परामर्श सत्र आयोजित किए गए और 3.5 लाख से अधिक विद्यार्थियों तक पहुंच बनाई गई।


मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों का सबसे बड़ा सहारा बन रही है। उन्होंने क्लेम दावों का समय पर निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।


बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 6,480 अस्पताल योजना से जुड़े हैं और अब तक 96.75 लाख से अधिक निशुल्क उपचार किए जा चुके हैं।


मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि नेशनल हेल्थ मिशन के अंतर्गत कोविड कालखंड में सेवाएं देने वाले स्वास्थ्य कर्मियों का प्राथमिकता के आधार पर समायोजन किया जाए।


उन्होंने मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए संस्थागत प्रसव व्यवस्था को मजबूत बनाने पर जोर दिया।


बैठक में बताया गया कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत 15.28 करोड़ से अधिक आभा आईडी बनाई जा चुकी हैं।


मुख्यमंत्री ने चिकित्सा अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा कि मेडिकल संस्थानों को रिसर्च आधारित स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ा जाए।