रोस्टर डेटिंग: क्या है यह नया ट्रेंड और क्यों हो रहा है लोकप्रिय?
रोस्टर डेटिंग का परिचय
आजकल, मल्टीटास्किंग को एक महत्वपूर्ण कौशल और आत्मविश्वास का प्रतीक माना जाता है। लोग एक साथ कई कार्यों को करने पर गर्व महसूस करते हैं। यह सोच अब रिश्तों और डेटिंग के क्षेत्र में भी देखने को मिल रही है। इसी संदर्भ में एक नया ट्रेंड उभर रहा है, जिसे 'रोस्टर डेटिंग' कहा जाता है। सोशल मीडिया और डेटिंग ऐप्स के चलते यह शब्द अब आम बातचीत का हिस्सा बन चुका है।
रोस्टर डेटिंग क्या है?
रोस्टर डेटिंग का अर्थ है एक ही समय में कई लोगों के साथ डेट करना। इसमें व्यक्ति चार या पांच लोगों से मिल सकता है और विभिन्न दिनों के लिए अलग-अलग डेट योजनाएं बना सकता है। जैसे कि किसी के साथ फिल्म देखना, किसी और के साथ डिनर पर जाना या वीकेंड पर किसी इवेंट में शामिल होना। इस प्रकार की डेटिंग में कोई एक व्यक्ति केंद्र में नहीं होता। सबसे महत्वपूर्ण नियम यह है कि सभी के साथ ईमानदारी बरती जाए।
रोस्टर डेटिंग का चयन क्यों?
हर व्यक्ति की इस ट्रेंड को अपनाने के पीछे अलग-अलग कारण हो सकते हैं। कुछ लोग पुराने रिश्तों से भावनात्मक रूप से थक चुके होते हैं, जबकि कुछ 'परफेक्ट पार्टनर' की खोज में विकल्प खुले रखना चाहते हैं। वहीं, कुछ लोग बिना किसी दबाव के बस नए लोगों को जानना चाहते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यह तरीका कभी-कभी तनाव और असुरक्षा से निपटने का एक साधन बन जाता है। जिन लोगों को रिश्तों में अस्वीकृति का डर होता है, उनके लिए कई विकल्प रखना भावनात्मक सुरक्षा का एहसास कराता है।
क्या यह धोखे जैसा है?
कई लोग रोस्टर डेटिंग को बेवफाई के समान मानते हैं, लेकिन विशेषज्ञ इसे धोखे से अलग मानते हैं। धोखा तब होता है जब किसी रिश्ते में प्रतिबद्धता के बाद छुपकर कुछ किया जाए। वहीं, रोस्टर डेटिंग आमतौर पर प्रतिबद्धता से पहले होती है और इसमें स्पष्ट बातचीत और पारदर्शिता पर जोर दिया जाता है। हालांकि, यह भी सच है कि लगातार विकल्प खुले रखने की आदत भविष्य में गंभीर रिश्तों में समस्याएं पैदा कर सकती है।
सिचुएशनशिप और पॉलीअमोरी से भिन्नता
रोस्टर डेटिंग को अक्सर सिचुएशनशिप या पॉलीअमोरी से जोड़ा जाता है, जबकि इनमें स्पष्ट अंतर है। रोस्टर डेटिंग आमतौर पर अस्थायी और बिना स्पष्ट नियमों वाली होती है। वहीं, पॉलीअमोरी और ओपन रिलेशनशिप आपसी सहमति, भरोसे और स्पष्ट सीमाओं पर आधारित होते हैं। इसके लिए भावनात्मक समझ और जिम्मेदारी की आवश्यकता होती है।
भारत में रोस्टर डेटिंग का बढ़ता चलन
यह ट्रेंड अब केवल पश्चिमी देशों तक सीमित नहीं है। शहरी भारत में भी रोस्टर डेटिंग धीरे-धीरे लोकप्रिय हो रही है। देर से विवाह, आर्थिक आत्मनिर्भरता, डेटिंग ऐप्स और बदलती सोच इसके प्रमुख कारण हैं। डेटिंग ऐप्स ने विकल्पों की भरमार दिखाकर लोगों को अधिक सतर्क और चयनात्मक बना दिया है।
