लड़कियों में पीरियड्स की जल्दी शुरुआत के कारण और प्रभाव
पीरियड्स की शुरुआत: एक सामान्य प्रक्रिया
हर लड़की के जीवन में पीरियड्स की शुरुआत एक महत्वपूर्ण चरण होता है, जब उसके शरीर में कई परिवर्तन होते हैं। यह एक सामान्य प्रक्रिया है, जो हर महिला के जीवन में होती है। पीरियड्स का सही समय पर आना और फिर एक निश्चित उम्र में रुक जाना, यह एक चक्र है जो सभी महिलाओं के लिए सामान्य है। आमतौर पर, पीरियड्स की शुरुआत की उम्र 12 से 15 वर्ष मानी जाती थी, लेकिन अब 10 साल से कम उम्र की लड़कियों में भी इसकी शुरुआत देखी जा रही है। कुछ मामलों में, 7-8 साल की उम्र में भी लड़कियों को पीरियड्स आने लगे हैं। इसके पीछे के कारणों को समझने के लिए, हम हेल्थ एक्सपर्ट की राय पर गौर करते हैं।
लड़कियों में पीरियड्स जल्दी आने के कारण
यदि आपकी बेटी को 7-8 साल की उम्र में पीरियड्स आ गए हैं, तो इसके पीछे कई संभावित कारण हो सकते हैं। कई माताओं के मन में यह सवाल उठता है कि क्या यह सामान्य है।
एक्सपर्ट के अनुसार, हाल के वर्षों में लड़कियों में कम उम्र में पीरियड्स की शुरुआत बढ़ने लगी है। इसके पीछे नींद की कमी, जंक फूड का सेवन और अधिक स्क्रीन टाइम जैसे कई कारण शामिल हैं।
अधिक स्क्रीन टाइम मेलाटोनिन हार्मोन और नींद के चक्र को प्रभावित करता है, जिससे हार्मोन्स पर असर पड़ता है।
यदि आपकी बेटी की शारीरिक गतिविधि कम है, तो यह भी एक कारण हो सकता है। कम शारीरिक गतिविधि से शरीर में फैट जमा होता है, जिससे एस्ट्रोजन का उत्पादन बढ़ जाता है।
तनाव में रहने से भी पीरियड्स जल्दी आ सकते हैं, क्योंकि इससे कोर्टिसोल हार्मोन का स्तर बढ़ता है, जिससे हार्मोन्स जल्दी परिपक्व होते हैं।
नींद की कमी के कारण प्रजनन हार्मोन्स समय से पहले रिलीज हो सकते हैं, जिससे प्यूबर्टी जल्दी आ जाती है।
हार्मोनल क्रीम का उपयोग और अधिक जंक फूड का सेवन भी इस प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है।
