विषाक्त लोगों से कैसे बचें: सीमाएँ निर्धारित करने के उपाय
विषाक्तता से बचने के उपाय
नकारात्मकता का प्रभाव: नकारात्मक सोच वाले लोग अक्सर अपनी समस्याओं पर ध्यान केंद्रित करते हैं और समाधान की ओर नहीं बढ़ते। वे चाहते हैं कि लोग उनकी बातें सुनें ताकि वे बेहतर महसूस कर सकें। कई बार, लोग उनकी समस्याओं को सुनने के लिए मजबूर महसूस करते हैं, क्योंकि वे भावुकता से बचना चाहते हैं। लेकिन सहानुभूति दिखाने और स्थिति में शामिल होने में बड़ा अंतर है।
सीमाएँ निर्धारित करें: आप विषाक्त लोगों से दूर रहकर और उनके साथ सीमाएँ तय करके इस समस्या से बच सकते हैं। ऐसे लोगों से पूछें कि वे किसी विशेष स्थिति को कैसे सुधारना चाहते हैं। इससे या तो उनकी शिकायतें कम होंगी या आपकी बातचीत सकारात्मक दिशा में बढ़ेगी।
रिश्तों की पहचान: यदि आप केवल संबंध बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं, तो आप संभवतः एक विषैले रिश्ते में हैं। विषाक्त लोग आपको ऐसा महसूस कराते हैं जैसे आपने उनसे कुछ उधार लिया है। वे आपसे अनावश्यक लाभ उठाने की कोशिश करते हैं, जिससे आपको चोट पहुंच सकती है। यह स्थिति अक्सर कार्यस्थलों या रिश्तों में देखी जाती है, जहां शक्ति समान रूप से वितरित नहीं होती।
प्राथमिकता का खेल: विषाक्त लोग केवल तब आपकी प्राथमिकता देखते हैं जब वे देखते हैं कि आप उनकी प्राथमिकता हैं। वे नाटक करने लगते हैं कि यदि आप उनकी परवाह करते हैं, तो आपको उनके साथ अधिक समय बिताना चाहिए। ऐसे लोगों के साथ समस्या यह है कि वे कभी भी संतुष्ट नहीं होते, चाहे आप उनके लिए कुछ भी करें।
