शरीर में विटामिन B12 और फोलेट की कमी: जानें इसके प्रभाव और समाधान
स्वस्थ रहने के लिए पोषण का महत्व
एक स्वस्थ जीवनशैली के लिए आवश्यक है कि हम अपने आहार में पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थों को शामिल करें। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि सभी व्यक्तियों को अपनी डाइट में ऐसे खाद्य पदार्थों को शामिल करना चाहिए, जो शरीर के लिए आवश्यक न्यूट्रिशन की पूर्ति कर सकें। हालांकि, कई रिपोर्टों में यह चिंता जताई गई है कि अधिकांश भारतीयों को आवश्यक पोषण नहीं मिल पा रहा है, जिसके कारण आयरन, फोलेट और विटामिन B12 जैसे महत्वपूर्ण तत्वों की कमी बढ़ रही है।
विटामिन B12 की कमी: एक गंभीर समस्या
हाल के आंकड़ों के अनुसार, भारतीयों में विटामिन B12 की कमी एक 'साइलेंट हेल्थ क्राइसिस' बन चुकी है, जो लगभग 47% से 51% जनसंख्या को प्रभावित करती है।
अनुमान के अनुसार, लगभग 37% लोग फोलेट की कमी से भी ग्रस्त हैं।
कमी के लक्षण और प्रभाव
शरीर में पोषक तत्वों की कमी से थकान, चक्कर आना, कमजोरी और हाथ-पैरों में झनझनाहट जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इस लेख में हम चर्चा करेंगे कि फोलेट और विटामिन B12 की कमी पुरुषों और महिलाओं पर किस प्रकार का प्रभाव डालती है।
विटामिन B12 और फोलेट की कमी का संबंध
स्वस्थ व्यक्तियों में विटामिन B12, फोलेट और थकान के बीच संबंध की यह पहली रिपोर्ट है।
ब्लड में हीमोसिस्टीन का स्तर बढ़ने को डिमेंशिया, हृदय रोग और फ्रैक्चर के जोखिम से जोड़ा गया है।
भविष्य में थकान और मोटिवेशन पर ध्यान देना आवश्यक है।
अध्ययन के निष्कर्ष
600 से अधिक स्वस्थ जापानी प्रतिभागियों पर किए गए अध्ययन में फोलेट, होमोसिस्टीन और विटामिन B12 का मापन किया गया, जिसमें थकान और मोटिवेशन का आकलन भी किया गया।
प्रारंभिक परिणामों से यह स्पष्ट हुआ कि जिन लोगों के रक्त में हीमोसिस्टीन का स्तर अधिक था, उनमें फोलेट और विटामिन B12 का स्तर कम पाया गया, चाहे वे पुरुष हों या महिलाएं।
कमी को कैसे पूरा करें
विटामिन B12 की कमी को पूरा करने के लिए अंडा, मछली, दूध, दही, चिकन और मीट का सेवन करने की सलाह दी जाती है।
फोलेट की कमी को पूरा करने के लिए ब्रोकली, चना, पालक, मेथी, राजमा, दालें, मूंगफली और खट्टे फलों को अपने आहार में शामिल करना फायदेमंद होता है।
