शाम के योगासन: तनाव कम करने और बेहतर नींद के लिए 20 मिनट का अभ्यास
तनाव और थकान से राहत के लिए योग
नई दिल्ली: आजकल की तेज़-तर्रार जीवनशैली में दिनभर की भागदौड़, काम का दबाव और मानसिक थकान आम बात हो गई है। यदि शाम के समय कुछ पल अपने लिए निकाले जाएं, तो यह दिनभर की थकान को काफी हद तक कम कर सकता है। आयुष मंत्रालय भी नियमित योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने की सलाह देता है। शाम का योग शरीर को आराम की स्थिति में लाने में मदद करता है, जिससे मांसपेशियों का तनाव कम होता है, मन शांत होता है और रात में अच्छी नींद आने की संभावना बढ़ जाती है। यदि रोजाना 15 से 20 मिनट योग किया जाए, तो इसके सकारात्मक प्रभाव कुछ ही दिनों में महसूस होने लगते हैं।
योगासन के लाभ
बालासन: यह आसन उन लोगों के लिए विशेष रूप से लाभकारी है जो दिनभर बैठे रहते हैं या मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं। इस आसन में शरीर को आगे की ओर झुकाकर सिर को जमीन के करीब लाया जाता है, जिससे पीठ और कंधों की जकड़न कम होती है। गहरी सांस लेने से मन को शांति मिलती है और यह नर्वस सिस्टम को रिलैक्स करने में मदद करता है।
मार्जरीआसन: यह आसन शरीर को लचीला बनाने में सहायक है। इसमें सांस के साथ रीढ़ की हड्डी को ऊपर-नीचे किया जाता है, जिससे रक्त संचार में सुधार होता है। यह आसन दिनभर एक ही स्थिति में बैठने से होने वाली अकड़न को कम करता है।
पश्चिमोत्तानासन: यह आसन पूरे शरीर को स्ट्रेच करता है, विशेषकर रीढ़ और पैरों के पीछे के हिस्से को मजबूत बनाता है। इसे धीरे-धीरे और सांस पर ध्यान केंद्रित करते हुए किया जाता है, जिससे तनाव कम होता है और चिंताओं पर नियंत्रण मिलता है। आयुष मंत्रालय के अनुसार, यह पाचन क्रिया को भी सुधारने में मदद करता है।
विपरीत करणी: इस आसन में पैरों को ऊपर उठाकर शरीर का संतुलन बनाया जाता है। लंबे समय तक खड़े रहने या चलने के बाद पैरों में होने वाली थकान को यह आसन जल्दी कम करता है। यह रक्त संचार को संतुलित करने और मन को शांत करने में भी सहायक है। नींद न आने की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए यह विशेष रूप से फायदेमंद है।
शवासन: इस आसन में शरीर पूरी तरह स्थिर रहता है और ध्यान केवल सांसों पर केंद्रित होता है। इससे शरीर और मन दोनों को गहरी शांति मिलती है। दिनभर की थकान को दूर करने और मानसिक संतुलन बनाए रखने के लिए यह आसन अत्यंत महत्वपूर्ण है।
