समय रैना की नई वीडियो में मानसिक स्वास्थ्य पर महत्वपूर्ण बातें
समय रैना की जोरदार वापसी
समय रैना ने अपने हालिया वीडियो 'Still Alive' के साथ एक प्रभावशाली वापसी की है। यह वापसी उस समय हुई है जब 'India's Got Latent' विवाद को एक साल से अधिक हो चुका है। इस वीडियो में, समय ने उन लोगों पर कटाक्ष किया है, जिनमें रणवीर अल्लाहबादिया भी शामिल हैं, जो उस समय सुर्खियों में आने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने अपने पिता का भी उल्लेख किया, जो उनके कठिन समय में उनके साथ खड़े रहे।
मेंटल हेल्थ पर समय रैना के विचार
समय ने साझा किया कि जब यह विवाद शुरू हुआ, तब वह अमेरिका के दौरे पर थे। अपने दूसरे शो के दौरान, उन्हें अचानक एक ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ा, जिसे उन्होंने साइकोसिस जैसा बताया।
उन्होंने कहा कि उन्हें पहले भी एंग्जायटी अटैक का सामना करना पड़ा है, लेकिन इस बार स्थिति अधिक गंभीर हो गई। शो से पहले, उन्हें कंपकंपी, तेज धड़कन, अत्यधिक पसीना और सांस लेने में कठिनाई जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा। यह सब कुछ चक्कर आने जैसा अनुभव हो रहा था। उनके थेरेपिस्ट ने उन्हें परफॉर्म न करने की सलाह दी थी, लेकिन फिर भी समय ने स्टेज पर जाकर शो किया।
साइकोसिस की समझ
साइकोसिस को सरल शब्दों में समझें तो यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें व्यक्ति कुछ समय के लिए वास्तविकता और अपने मन में चल रही बातों के बीच का अंतर भूल जाता है। हालांकि, सामान्य बातचीत में लोग इस शब्द का उपयोग तब भी करते हैं जब मानसिक दबाव इतना बढ़ जाता है कि सोच को संभालना कठिन हो जाता है।
ह्यूमर का महत्व
समय रैना की तरह कठिन परिस्थितियों में, ह्यूमर कई बार एक ढाल का काम करता है। जब कोई व्यक्ति अंदर से बहुत दबाव में होता है, तो वह मजाक और कॉमेडी के माध्यम से उस दर्द को हल्का करने की कोशिश करता है। बाहरी नजर से यह केवल मजाक लग सकता है, लेकिन वास्तव में वह इसी के जरिए खुद को संभाल रहा होता है। समय ने अपने वीडियो में तंज और ह्यूमर का उपयोग करके न केवल लोगों को जवाब दिया, बल्कि अपने कठिन दौर को भी थोड़ा आसान बनाने का प्रयास किया।
साइकोसिस से निपटने के उपाय
यदि कोई साइकोसिस जैसी स्थिति का अनुभव कर रहा है, तो सबसे पहले खुद को सुरक्षित और शांत रखने का प्रयास करें। ऐसे समय में अकेले रहने के बजाय किसी भरोसेमंद व्यक्ति, परिवार या दोस्त के साथ रहना अधिक सहायक होता है। गहरी सांस लेना और आसपास की चीजों पर ध्यान केंद्रित करना (जैसे कि क्या दिख रहा है, क्या सुनाई दे रहा है) दिमाग को स्थिर करने में मदद करता है। सबसे महत्वपूर्ण बात, इसे नजरअंदाज न करें और जितनी जल्दी हो सके किसी डॉक्टर या थेरेपिस्ट से संपर्क करें, क्योंकि सही मदद और उपचार से इस स्थिति को संभाला जा सकता है।
