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सरकार ने मातृ और शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के लिए लॉन्च किया 'जननी' डिजिटल प्लेटफॉर्म

सरकार ने मातृ और शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी को बेहतर बनाने के लिए 'जननी' नामक एक क्यूआर-आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है। यह प्लेटफॉर्म महिलाओं के स्वास्थ्य रिकॉर्ड को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से दर्ज करेगा। इसमें गर्भावस्था से लेकर नवजात शिशु देखभाल तक की सेवाएं शामिल हैं। 'जननी' प्लेटफॉर्म पर अब तक 1.34 करोड़ लाभार्थियों का पंजीकरण हो चुका है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता सुनिश्चित होगी।
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सरकार ने मातृ और शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के लिए लॉन्च किया 'जननी' डिजिटल प्लेटफॉर्म

नई स्वास्थ्य पहल का परिचय

नई दिल्ली - सरकार ने मातृ और शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी को बेहतर बनाने के लिए 'जननी' नामक एक क्यूआर-आधारित डिजिटल स्वास्थ्य प्लेटफॉर्म पेश किया है। यह जानकारी गुरुवार को एक आधिकारिक बयान में साझा की गई।


प्लेटफॉर्म की विशेषताएँ

इस प्लेटफॉर्म का उद्देश्य महिलाओं के प्रजनन काल के दौरान उनके स्वास्थ्य रिकॉर्ड को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से डिजिटल रूप से दर्ज करना है। इसमें गर्भावस्था पूर्व देखभाल, प्रसव की तैयारी, प्रसव, प्रसव के बाद की देखभाल, नवजात शिशु देखभाल, और परिवार नियोजन जैसी सेवाएं शामिल हैं।


उन्नत प्रणाली का विकास

यह नई प्रणाली मौजूदा आरसीएच पोर्टल का उन्नत संस्करण है, जो स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े महत्वपूर्ण रिकॉर्ड को सुरक्षित रखकर एक दीर्घकालिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड तैयार करेगी। सरकार ने बताया कि यह प्लेटफॉर्म लगातार निगरानी और समय पर हस्तक्षेप में मदद करेगा।


QR-आधारित स्वास्थ्य कार्ड

इस प्लेटफॉर्म की एक महत्वपूर्ण विशेषता क्यूआर-आधारित डिजिटल मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्ड है, जिससे स्वास्थ्य रिकॉर्ड को कहीं भी आसानी से एक्सेस किया जा सकेगा। इसमें हाई-रिस्क गर्भावस्था के लिए स्वचालित अलर्ट और रियल-टाइम डैशबोर्ड जैसी सुविधाएँ भी शामिल हैं।


डेटा साझा करने की सुविधा

'जननी' प्लेटफॉर्म को अन्य राष्ट्रीय प्लेटफॉर्म जैसे यू-विन और पोषण से जोड़ा गया है, जिससे विभिन्न योजनाओं के बीच डेटा साझा करना सरल हो जाएगा। यह प्लेटफॉर्म लाभार्थियों का पंजीकरण यूनिक पहचान माध्यमों से करने की सुविधा भी प्रदान करता है।


स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता

नई प्रणाली प्रवासी आबादी के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता सुनिश्चित करेगी और रिकॉर्ड की दोहराव वाली प्रविष्टियों को रोकेगी। इसके अलावा, यह वेब और मोबाइल प्लेटफॉर्म के जरिए स्वयं पंजीकरण की सुविधा भी प्रदान करती है।


पंजीकरण की उपलब्धि

सरकार के अनुसार, अब तक 'जननी' प्लेटफॉर्म पर 1.34 करोड़ लाभार्थियों का पंजीकरण हो चुका है। इसके अलावा, 30 लाख से अधिक गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण और 1 लाख से अधिक बायोमेट्रिक सत्यापन किए जा चुके हैं।