सर्दियों में गर्माहट लाने वाली कश्मीरी चाय: जानें इसे बनाने का सही तरीका
कश्मीरी चाय: सर्दियों की खासियत
कश्मीरी चाय: जब सर्दियों की ठंडी हवाएं चलती हैं और सुबह की ठिठुरन महसूस होती है, तब गरमागरम चाय एक अद्भुत राहत देती है। ठंड के मौसम में चाय केवल एक आदत नहीं, बल्कि शरीर को गर्म रखने का एक प्रभावी उपाय बन जाती है।
सर्दियों में लोग आमतौर पर अदरक, इलायची या लौंग वाली चाय का सेवन करते हैं, लेकिन क्या आपने कभी गुलाबी चाय का आनंद लिया है? कश्मीर की प्रसिद्ध कश्मीरी चाय न केवल अपने हल्के गुलाबी रंग के लिए जानी जाती है, बल्कि इसकी सुगंध और शाही स्वाद इसे विशेष बनाते हैं। दूध और सूखे मेवों से बनी यह चाय सर्दियों में मन को प्रसन्न कर देती है।
कश्मीरी चाय की विशेषताएँ
कश्मीरी चाय क्यों है खास?
कश्मीरी चाय को नून चाय या गुलाबी चाय भी कहा जाता है। इसकी पहचान इसका हल्का गुलाबी रंग और अनोखा स्वाद है। इसमें न तो सामान्य चाय पत्ती का उपयोग होता है और न ही किसी प्रकार का खाद्य रंग। इसका असली रंग और स्वाद विशेष कश्मीरी चाय पत्तियों और पकाने की सही विधि से आता है।
कई लोग सोचते हैं कि कश्मीरी चाय बनाना कठिन है या बिना खाद्य रंग के इसका गुलाबी रंग नहीं आएगा, इसलिए वे इसे घर पर बनाने से हिचकिचाते हैं। लेकिन सही विधि अपनाकर आप घर पर भी बेहतरीन कश्मीरी चाय बना सकते हैं।
कश्मीरी चाय के लिए आवश्यक सामग्री
काढ़ा बनाने के लिए
- पानी – 2 कप (सामान्य तापमान)
- कश्मीरी चाय पत्ती – 3 बड़े चम्मच
- लौंग – 4-5
- हरी इलायची – 4-5 (थोड़ी कुटी हुई)
- दालचीनी – 2 छोटे टुकड़े
- बेकिंग सोडा – ½ छोटी चम्मच
- बहुत ठंडा पानी या बर्फ वाला पानी – 2 कप
चाय बनाने के लिए
- फुल क्रीम दूध – 2 कप
- चीनी – 2 छोटी चम्मच (स्वादानुसार)
कश्मीरी चाय बनाने की विधि
स्टेप 1: काढ़ा तैयार करें
एक पैन में 2 कप पानी डालकर उसे गैस पर रखें। इसमें लौंग, इलायची और दालचीनी डालें। अब 3 बड़े चम्मच कश्मीरी चाय पत्ती डालकर मध्यम आंच पर उबालें।
स्टेप 2: रंग के लिए आवश्यक स्टेप
चाय को लगातार चलाते हुए उबालते रहें, जब तक पानी घटकर लगभग 1 कप न रह जाए। अब इसमें ½ छोटी चम्मच बेकिंग सोडा डालें। ध्यान रखें, बेकिंग सोडा ही डालना है, बेकिंग पाउडर नहीं।
स्टेप 3: ठंडा पानी डालें
अब इसमें 2 कप बर्फ वाला ठंडा पानी डालें। इससे चाय का रंग और स्वाद बेहतर तरीके से उभरता है। दोबारा उबालें और चलाते रहें, जब तक फिर से लगभग 1 कप काढ़ा न रह जाए। इस प्रक्रिया में लगभग 20-25 मिनट लगते हैं, लेकिन यही असली स्वाद की कुंजी है।
स्टेप 4: काढ़ा छान लें
गैस बंद कर दें और काढ़े को छान लें। अच्छे से पकने के बाद इसका रंग गहरा लाल-काला हो जाएगा। इस काढ़े को आप 2-3 दिन तक फ्रिज में रख सकते हैं।
स्टेप 5: दूध उबालें
एक अलग पैन में 2 कप फुल क्रीम दूध उबालें। इसमें चीनी डालकर अच्छी तरह घुलने दें।
स्टेप 6: काढ़ा मिलाएं
जब दूध उबलने लगे, तो उसमें थोड़ा-थोड़ा करके तैयार काढ़ा डालें। जैसे ही दूध हल्का गुलाबी रंग लेने लगे, समझिए चाय तैयार है। ध्यान रखें, ज्यादा काढ़ा डालने से चाय कड़वी हो सकती है।
स्टेप 7: आखिरी उबाल
चाय में 1-2 उबाल आने दें और फिर गैस बंद कर दें। आपकी परफेक्ट गुलाबी कश्मीरी चाय तैयार है। चाहें तो ऊपर से कटे पिस्ता या बादाम डालकर स्वाद और बढ़ा सकते हैं।
