सर्दियों में डिहाइड्रेशन से बचने के उपाय
सर्दियों में पानी की कमी का खतरा
नई दिल्ली: सर्दियों के मौसम में शरीर को आराम महसूस होता है, जिससे पसीना कम आता है और प्यास भी कम लगती है। हालांकि, चिकित्सकों का कहना है कि यह स्थिति खतरनाक हो सकती है। सर्दियों में पानी की कमी एक आम समस्या है, और इसका सबसे पहला असर दिमाग पर पड़ता है।
ठंड के मौसम में प्यास लगने की भावना कमजोर हो जाती है। जब शरीर को पानी की आवश्यकता होती है, तब भी प्यास का अनुभव नहीं हो सकता। हीटर, गर्म कपड़े, गर्म पानी से स्नान और चाय या कॉफी का अधिक सेवन शरीर में पानी की मात्रा को और कम कर देता है। इस कारण, सर्दियों में डिहाइड्रेशन चुपचाप बढ़ सकता है।
डिहाइड्रेशन का दिमाग पर प्रभाव
मानव मस्तिष्क लगभग 75 प्रतिशत पानी से बना होता है। हल्का डिहाइड्रेशन भी मस्तिष्क के कार्य करने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है। जब शरीर में तरल पदार्थ की कमी होती है, तो रक्त की मात्रा घट जाती है, जिससे मस्तिष्क तक ऑक्सीजन और पोषक तत्वों की आपूर्ति धीमी हो जाती है। इसके परिणामस्वरूप सिरदर्द, मानसिक धुंधलापन, ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई, याददाश्त की समस्याएं, चक्कर आना और मूड में बदलाव हो सकता है। कई लोग बिना कारण थकान या मानसिक सुस्ती महसूस करते हैं।
डिहाइड्रेशन से जुड़ी बीमारियों का खतरा
चिकित्सकों का कहना है कि लंबे समय तक या बार-बार होने वाला डिहाइड्रेशन गंभीर समस्याएं पैदा कर सकता है। इससे माइग्रेन, भ्रम और मानसिक प्रदर्शन में कमी का खतरा बढ़ सकता है। न्यूरोलॉजिस्ट चेतावनी देते हैं कि डिहाइड्रेशन रक्त को गाढ़ा कर सकता है, जिससे रक्त के थक्के बनने का खतरा बढ़ जाता है। उच्च रक्तचाप, मधुमेह या हृदय रोग से ग्रसित व्यक्तियों के लिए, यह स्ट्रोक या मिनी-स्ट्रोक का खतरा बढ़ा सकता है, विशेषकर सर्दियों में।
बच्चों और बुजुर्गों के लिए विशेष सावधानी
बच्चों और बुजुर्गों को डिहाइड्रेशन का अधिक खतरा होता है। स्कूल जाने वाले बच्चे अक्सर दिन में पानी पीना भूल जाते हैं। वहीं, बुजुर्गों में उम्र के साथ प्यास की भावना कम हो जाती है, जिससे डिहाइड्रेशन की संभावना बढ़ जाती है। बुजुर्गों में हल्के डिहाइड्रेशन को सर्दियों में भ्रम, कमजोरी, गिरने और अस्पताल में भर्ती होने से जोड़ा गया है।
स्वास्थ्य का ध्यान कैसे रखें
चिकित्सकों का कहना है कि इसका समाधान सरल है, लेकिन इसके लिए अनुशासन की आवश्यकता है। प्यास लगने का इंतजार न करें, बल्कि पूरे दिन नियमित अंतराल पर पानी पिएं। हर्बल चाय, सूप और शोरबा जैसे गर्म पेय भी शरीर को हाइड्रेटेड रखने में मदद करते हैं। हालांकि, अधिक कॉफी या शराब का सेवन शरीर में तरल पदार्थ की कमी कर सकता है।
हाइड्रेशन की जांच करने का एक आसान तरीका पेशाब के रंग को देखना है। हल्का पीला रंग यह दर्शाता है कि आपके शरीर में पर्याप्त पानी है। सर्दियों में डिहाइड्रेशन छिपा हो सकता है, लेकिन पूरे मौसम में मस्तिष्क के स्वास्थ्य, ध्यान और याददाश्त की सुरक्षा के लिए हाइड्रेटेड रहना आवश्यक है।
