सर्दियों में बलगम: जानें इसके कारण और समाधान
सर्दियों में बलगम की समस्या
सर्दियों के आगमन के साथ, सर्दी, खांसी और नाक बंद होना आम समस्याएं बन जाती हैं। जब बलगम जमा हो जाता है, तो यह नाक और गले को अवरुद्ध कर देता है, जिससे लगातार खांसी होती है। लेकिन यह जानना महत्वपूर्ण है कि बलगम वास्तव में हमारे शरीर की रक्षा के लिए काम करता है।
हमारा शरीर प्रतिदिन लगभग 0.94 से 1.89 लीटर बलगम का निर्माण करता है, जो फेफड़ों, पेट और आंखों को सूखने से बचाता है। जब कोई संक्रमण या एलर्जी होती है, तो बलगम की मात्रा बढ़ जाती है। यह गाढ़ा तरल पदार्थ शरीर के नम हिस्सों को सूखा होने से रोकने और बाहरी गंदगी या कीटाणुओं को हटाने के लिए बनता है। बलगम हमारे इम्यून सिस्टम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन कभी-कभी इसका अधिक उत्पादन बीमारी का संकेत भी हो सकता है।
बलगम का निर्माण कैसे होता है?
मेडिकल न्यूज़ टुडे के अनुसार, बलगम मुख्य रूप से पानी और म्यूसिन नामक एक जेल जैसे पदार्थ से बना होता है, जिसमें प्रोटीन होते हैं। इसे गोब्लेट कोशिकाएं और सबम्यूकोसल ग्रंथियाँ बनाती हैं। बलगम में प्रोटीन, वसा, नमक और इम्यून मॉलिक्यूल्स होते हैं, जो इम्यूनिटी को बढ़ाते हैं। यह धूल, धुआं, प्रदूषण, वायरस, बैक्टीरिया और फंगस जैसे छोटे कणों को हटाने में मदद करता है। फेफड़ों की सतह पर सिलिया नामक छोटे बाल होते हैं, जो बलगम में फंसे कणों को ऊपर की ओर धकेलते हैं।
सर्दी और एलर्जी में बलगम का बढ़ना
वैज्ञानिकों के अनुसार, जब हवा में प्रदूषक, धूल या एलर्जन होते हैं, तो गोब्लेट कोशिकाएं अधिक बलगम का उत्पादन करने लगती हैं। यही कारण है कि सर्दी, फ्लू या एलर्जी के दौरान बलगम की मात्रा बढ़ जाती है। संक्रमण के दौरान, बलगम गाढ़ा हो जाता है, क्योंकि इसमें इम्यून सेल्स और मरे हुए बैक्टीरिया की मात्रा बढ़ जाती है।
कब बढ़ता है बलगम का उत्पादन?
शरीर लगातार बलगम का निर्माण करता है, लेकिन कुछ स्थितियों में इसका उत्पादन बढ़ जाता है। इनमें शामिल हैं: एलर्जी या प्रदूषण, सांस की बीमारियां, ठंडी या सूखी हवा, हार्मोनल बदलाव, प्रेग्नेंसी, कुछ दवाओं के साइड इफेक्ट, और गैस्ट्रोएसोफेगल रिफ्लक्स।
अगर बलगम लंबे समय तक जमा रहता है, तो यह ऑक्सीजन के स्तर को कम कर सकता है और फेफड़ों से जुड़ी समस्याएं पैदा कर सकता है।
बलगम को साफ करने के उपाय
यदि सर्दी या एलर्जी के कारण बलगम बढ़ गया है, तो इसे साफ करने के लिए कुछ उपाय अपनाए जा सकते हैं।
सलाइन नेज़ल स्प्रे का इस्तेमाल करें
गर्म पानी की भाप लें। बिना नींद लाने वाली एंटीहिस्टामाइन या डीकंजेस्टेंट लें। नीलगिरी के तेल की भाप लें या इसे अपनी छाती पर लगाएं। ह्यूमिडिफायर का उपयोग करें।
डॉक्टर से कब संपर्क करें
अगर बलगम का रंग बदलता है या यह बाहर नहीं निकल रहा है, तो डॉक्टर से सलाह लें।
