सर्दियों में मसल्स बनाने के लिए बेहतरीन टिप्स
मसल्स की पहचान और विकास
(हेल्थ कार्नर) :- कंकालीय मांसपेशियां किसी भी स्वस्थ व्यक्ति की पहचान होती हैं। ये मानव शरीर का सबसे लचीला ऊतक हैं, जिन्हें आसानी से आकार में लाया जा सकता है। जब किसी व्यक्ति का विकास सही तरीके से होता है, तो यह संकेत है कि उसका शारीरिक विकास सही दिशा में है।
मांसपेशियों की देखभाल
ध्यान रखें – इन मांसपेशियों की जानकारी बॉडी बिल्डिंग करने वालों और खिलाड़ियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि छोटी सी गलती भी गंभीर परिणाम दे सकती है। जब हम जिम में अधिक व्यायाम करते हैं, तो मांसपेशियों के तंतु क्षतिग्रस्त हो सकते हैं, जिसे 'माइक्रो ट्रॉमा' कहा जाता है। यह प्रक्रिया पूरी तरह से स्वाभाविक है और किसी भी व्यक्ति के साथ हो सकती है। यदि ऐसा नहीं होता, तो मांसपेशियों के विकास की संभावना भी कम हो जाती है।
सर्दियों का मांसपेशियों के लिए स्वर्णिम समय
मसल्स बनाने का मौसम – अक्टूबर से मार्च तक का सर्दी का मौसम मांसपेशियों के विकास के लिए एक स्वर्णिम अवधि है। इस समय में व्यायाम करना आसान होता है, भूख अधिक लगती है, पाचन सही रहता है और थकान भी कम होती है।
वजन बढ़ाने के उपाय
एक्स्ट्रा गेन करने का नुस्खा – हमारे शरीर की मरम्मत का कार्य रात में होता है। रात को सोते समय शहद मिले दूध का सेवन करें, यह वजन बढ़ाने में सहायक होता है। यह अतिरिक्त खुराक वजन बढ़ाने में मददगार मानी जाती है।
मांसपेशियों के लिए आवश्यक तत्व
मसल्स के दो दोस्त: प्रोटीन और आराम
प्रोटीन – मांसपेशियों के विकास के लिए आपकी डाइट में प्रोटीन की भरपूर मात्रा होनी चाहिए। यह शरीर के वजन और प्रकार के अनुसार भिन्न होती है। फिटनेस एक्सपर्ट की सलाह लें। सामान्य डाइट में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा अधिक होती है, लेकिन मांसपेशियों के लिए इसे कम करके प्रोटीन की मात्रा बढ़ाना चाहिए।
शाकाहारी विकल्प – जैतून का तेल, पनीर, शहद, मूंगफली, आंवला, बेसन का लड्डू, अखरोट, चॉकलेट, छुहारे, किशमिश, च्यवनप्राश आदि को डाइट में शामिल करें।
आराम और रिकवरी
आराम – मांसपेशियों को रिकवरी और मरम्मत के लिए आराम देना आवश्यक है। विशेषज्ञों का कहना है कि आपको कम से कम 8 घंटे की नींद लेनी चाहिए और अपने वर्कआउट को बदलते रहना चाहिए।
सर्दी बनाम गर्मी
सर्दी बनाम गर्मी – सर्दियों में शरीर में कई आवश्यक रसायनों की मात्रा गर्मियों की तुलना में अधिक होती है, जिससे मांसपेशियों की रिकवरी बेहतर होती है। गर्मियों में की गई एक्सरसाइज थकान का कारण बन सकती है, जबकि सर्दियों में वही एक्सरसाइज अधिक प्रभावी होती है।
