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सर्दियों में स्वस्थ रहने के लिए आयुर्वेदिक आदतें

सर्दियों में स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए आयुर्वेदिक आदतें अपनाना बेहद फायदेमंद हो सकता है। इस लेख में हम आपको सुबह उठने का सही समय, दिनचर्या, लंच और डिनर की आदतें, और सोने का सही समय बताने जा रहे हैं। इन आदतों को अपनाकर आप बीमारियों से बच सकते हैं और अपनी इम्यूनिटी को मजबूत कर सकते हैं।
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सर्दियों में स्वस्थ रहने के लिए आयुर्वेदिक आदतें

स्वास्थ्य के लिए सही आदतें

पुराने समय में लोग कम बीमार होते थे और उनकी शारीरिक ताकत भी अधिक होती थी। उनकी इम्यूनिटी मजबूत रहती थी और मानसिक स्वास्थ्य भी बेहतर होता था। लेकिन आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में यह स्थिति बदल गई है। अब कम उम्र में ही लोग उच्च रक्तचाप, पेट की समस्याएं, मधुमेह, तनाव और जोड़ों के दर्द जैसी बीमारियों का सामना कर रहे हैं। खासकर सर्दियों में सर्दी, खांसी, बुखार और त्वचा से जुड़ी समस्याएं बढ़ जाती हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, इन बीमारियों का मुख्य कारण हमारी बिगड़ती जीवनशैली है। आयुर्वेद के अनुसार, एक स्वस्थ जीवन के लिए सही दिनचर्या का पालन करना आवश्यक है। सुबह उठने से लेकर रात में सोने तक का ध्यान रखना चाहिए। इस लेख में हम आपको कुछ आयुर्वेदिक आदतों के बारे में बताएंगे, जिन्हें अपनाकर आप सर्दियों में बीमारियों से बच सकते हैं।


सुबह उठने का सही समय

सुबह उठने का सही समय

आयुर्वेद के अनुसार, सुबह उठने का सबसे अच्छा समय ब्रह्म मुहूर्त है, जो सुबह 4 से 4:30 बजे के बीच होता है। सूर्योदय से पहले बिस्तर छोड़ना चाहिए। नैतिक क्रियाएं करने के बाद धूप में योग, हल्का व्यायाम और प्राणायाम करना सर्दियों में बहुत फायदेमंद होता है। इससे शरीर में गर्माहट बनी रहती है और रोग प्रतिरोधक क्षमता में सुधार होता है।


दिनचर्या का महत्व

दिनचर्या का महत्व

सर्दियों में गुनगुने पानी का उपयोग करना चाहिए। आयुर्वेद के अनुसार, नहाने से पहले तिल या सरसों के तेल से मालिश करना फायदेमंद होता है। इससे त्वचा की सू dryness, जोड़ों के दर्द और थकान में राहत मिलती है। मालिश के बाद गुनगुने पानी से स्नान करने से शरीर तरोताजा महसूस करता है।

सुबह का नाश्ता 8 से 9 बजे के बीच करना चाहिए। सर्दियों में दूध, दलिया, घी लगी रोटी, पोहा, मूंग दाल का चीला और उपमा जैसी गर्म और पौष्टिक चीजें खानी चाहिए। इसके साथ ही अखरोट, बादाम और किशमिश जैसे सूखे मेवे भी शामिल करें, जिससे शरीर को ऊर्जा मिलती है।


लंच और डिनर की आदतें

लंच और डिनर की आदतें

दोपहर का खाना 12 से 1 बजे के बीच लेना चाहिए। आयुर्वेद के अनुसार, इस समय पाचन अग्नि सबसे मजबूत होती है। घर का बना खाना जैसे दाल, मौसमी सब्जियां, रोटी, चावल, घी और छाछ का सेवन करें। सर्दियों में ज्वार, बाजरा और मक्के की रोटियां खाने से शरीर को मजबूती मिलती है। शाम को 4 से 5 बजे के बीच हल्का नाश्ता करें और रात का खाना 6 से 7 बजे के बीच हल्का और समय पर खाएं।


सोने का सही समय

सोने का सही समय

विशेषज्ञों के अनुसार, एक सामान्य व्यक्ति को 7-8 घंटे की नींद लेनी चाहिए। इसलिए रात को 10 बजे से पहले सो जाना चाहिए। सर्दियों में देर रात तक टीवी या मोबाइल का उपयोग करने से शरीर कमजोर होता है। नियमित रूप से आयुर्वेदिक दिनचर्या अपनाने से शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और पेट से जुड़ी समस्याएं धीरे-धीरे समाप्त होने लगती हैं। मानसिक तनाव, थकान और चिड़चिड़ापन से भी राहत मिलती है।