सुबह गुनगुने पानी में घी के फायदे: जानें कैसे बढ़ाएं सेहत

गुनगुने पानी में घी के लाभ
Warm Water With Ghee Benefits: आयुर्वेद में घी को अमृत के समान माना जाता है। योग गुरु बाबा रामदेव ने इसे अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल करने की सलाह दी है। उनका मानना है कि सुबह खाली पेट एक गिलास गुनगुने पानी में एक चम्मच देसी घी मिलाकर पीने से शरीर को अंदर से मजबूती मिलती है। यह न केवल पाचन शक्ति को सुधारता है, बल्कि शरीर से हानिकारक टॉक्सिन्स को बाहर निकालने, त्वचा को चमकदार बनाने और मस्तिष्क को तेज करने में भी मदद करता है। आइए जानते हैं देसी घी और पानी के सेवन के फायदे।
घी के स्वास्थ्यवर्धक गुण
घी एक अच्छे फैट का स्रोत है। इसमें विटामिन ए, डी, ई, के, एंटीऑक्सिडेंट्स और स्वस्थ फैट्स होते हैं। घी में सूजन कम करने की विशेषताएँ होती हैं। शुद्ध देसी घी इम्यूनिटी को मजबूत करता है। बाबा रामदेव का कहना है कि देसी घी का सेवन करने से मस्तिष्क स्वास्थ्य में सुधार होता है।
गुनगुने पानी में घी मिलाकर सेवन के 5 फायदे
दिमागी बीमारियों से सुरक्षा: बाबा रामदेव का कहना है कि देसी घी का सेवन करने से दिमागी रोगों का खतरा कम होता है। यह हमारी याददाश्त को बढ़ाता है और सोचने-समझने की क्षमता को तेज करता है। पार्किंसन, डिमेंशिया और अल्जाइमर जैसे रोगों से भी बचाता है।
आंखों की समस्याओं से बचाव: देसी घी का सेवन करने से आंखों की समस्याएँ जैसे ड्राई आई, जलन, खुजली या संक्रमण का खतरा कम होता है।
त्वचा की समस्याओं से राहत: यदि कोई व्यक्ति रूखी और बेजान त्वचा से परेशान है, तो उसे गुनगुने पानी में देसी घी मिलाकर सेवन करना चाहिए।
मांसपेशियों को मजबूती: शारीरिक रूप से कमजोर व्यक्तियों को अपनी डाइट में देसी घी शामिल करना चाहिए। यह अच्छा फैट है, जो मांसपेशियों और हड्डियों को मजबूत बनाता है।
इम्यूनिटी में सुधार: देसी घी का सेवन करने से इम्यूनिटी में सुधार होता है। इसे सुपर इम्यूनिटी बूस्टर फूड माना जाता है, जो बीमारियों से दूर रखता है।
देसी घी का सही सेवन कैसे करें?
अधिकतर लोग घी को रोटी के साथ खाते हैं, जो कि इसका सही तरीका नहीं है। रोटी पर घी लगाकर खाने से यह जल्दी नहीं पचता, जिससे अपच और गैस की समस्या हो सकती है। गुनगुने पानी में घी मिलाकर पीने से मेटाबॉलिज्म मजबूत होता है। सुबह-सुबह शरीर को अच्छे फैट की आवश्यकता होती है, और देसी घी इसका बेहतरीन विकल्प है।
कुछ सावधानियाँ
- डायबिटीज, मोटापा और लिवर संबंधी मरीजों को घी का सेवन डॉक्टर की सलाह से करना चाहिए।
- रोजाना 1-2 चम्मच से ज्यादा घी का सेवन करना उचित नहीं है।