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सोने और चांदी की कीमतों में नया रिकॉर्ड, वैश्विक तनाव का असर

सोने और चांदी की कीमतों ने मंगलवार को नए रिकॉर्ड स्थापित किए हैं, जो बढ़ते वैश्विक तनावों का परिणाम है। एमसीएक्स पर सोने की कीमत 1,47,996 रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी की कीमत 3,19,949 रुपए प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ग्रीनलैंड से जुड़े बयानों ने निवेशकों को सुरक्षित विकल्पों की ओर मोड़ दिया है। जानें इस स्थिति का बाजार पर क्या असर है और भविष्य में क्या संभावनाएं हैं।
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सोने और चांदी की कीमतों में नया रिकॉर्ड, वैश्विक तनाव का असर

सोने और चांदी की नई ऊंचाई

वैश्विक तनावों में वृद्धि के चलते, मंगलवार को सोने और चांदी ने एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया। एमसीएक्स पर कीमती धातुओं की कीमतें पिछले रिकॉर्ड को पार करते हुए नए उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं। फरवरी वायदा सोने की कीमत 1,47,996 रुपए प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई, जबकि मार्च वायदा चांदी 3,19,949 रुपए प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।


पिछले कारोबारी सत्र की तुलना

सोमवार के कारोबारी सत्र में, एमसीएक्स पर फरवरी डिलीवरी वाला सोना 1,45,500 रुपए प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर था, जबकि मार्च डिलीवरी वाली चांदी 3,01,315 रुपए प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई थी।


अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉमेक्स पर चांदी की कीमत 94.320 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई, जबकि सोने की कीमत 4,708.10 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। इससे पहले, सोने ने 4,689.39 डॉलर प्रति औंस का रिकॉर्ड स्तर छुआ था।


वैश्विक तनाव का प्रभाव

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ग्रीनलैंड से संबंधित बयानों और टैरिफ की धमकियों ने वैश्विक तनाव को बढ़ा दिया है, जिससे निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर बढ़ रहे हैं।


कीमतों में वर्तमान स्थिति

लेख लिखे जाने तक, एमसीएक्स पर फरवरी डिलीवरी वाला सोना 1.55 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1,47,894 रुपए प्रति 10 ग्राम पर था, जबकि मार्च डिलीवरी वाली चांदी 2.35 प्रतिशत की बढ़त के साथ 3,17,554 रुपए प्रति किलोग्राम पर थी।


ट्रंप का टैरिफ ऐलान

यह तेजी तब आई जब राष्ट्रपति ट्रंप ने ग्रीनलैंड मुद्दे पर विरोध करने वाले आठ यूरोपीय देशों पर नए टैरिफ लगाने की घोषणा की।


यूरोपीय नेताओं की प्रतिक्रिया

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने यूरोपीय संघ के 'एंटी-कोएरशन' तंत्र को लागू करने की मांग की, जबकि जर्मनी के चांसलर ने संयम बरतने की अपील की।


ब्याज दरों में संभावित कटौती

बाजार इस बात पर भी ध्यान दे रहा है कि ट्रंप प्रशासन अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के खिलाफ कोई कदम उठाएगा या नहीं। इससे केंद्रीय बैंक की स्वतंत्रता को लेकर चिंता बढ़ी है, जिसका लाभ कीमती धातुओं को मिल रहा है।


विशेषज्ञों की राय

विशेषज्ञों का मानना है कि कीमती धातुओं में आई यह तेजी सुरक्षित निवेश के साथ-साथ चांदी की औद्योगिक मांग को भी दर्शाती है। चांदी का उपयोग सोलर ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहनों और इलेक्ट्रॉनिक्स में बढ़ रहा है।


भविष्य की संभावनाएं

विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि मुनाफावसूली के कारण कीमतों में थोड़ी गिरावट आ सकती है, लेकिन दीर्घकालिक में सोने और चांदी का रुझान मजबूत बना रहेगा।