स्मार्टफोन का टॉयलेट में उपयोग: बवासीर का बढ़ता खतरा
स्मार्टफोन का उपयोग अब हमारी दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि टॉयलेट में इसका इस्तेमाल बवासीर के खतरे को बढ़ा सकता है? हालिया शोध में यह पाया गया है कि टॉयलेट सीट पर स्मार्टफोन का उपयोग करने वाले व्यक्तियों में बवासीर का खतरा 46% अधिक होता है। इस लेख में जानें कि कैसे लंबे समय तक टॉयलेट में बैठना स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है और इससे बचने के लिए क्या सावधानियाँ बरतनी चाहिए।
| Apr 16, 2026, 12:46 IST
स्मार्टफोन का बढ़ता उपयोग
आजकल, स्मार्टफोन हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। लोग इसे खाने-पीने, उठने-बैठने और यहां तक कि टॉयलेट में भी इस्तेमाल करने लगे हैं। हालांकि, टॉयलेट में बैठकर सोशल मीडिया पर स्क्रॉल करना और समाचार पढ़ना एक सामान्य आदत बन गई है, लेकिन यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। हालिया शोध में यह पाया गया है कि टॉयलेट सीट पर स्मार्टफोन का उपयोग करने वाले व्यक्तियों में बवासीर का खतरा उन लोगों की तुलना में 46% अधिक है, जो फोन का उपयोग नहीं करते।
बवासीर की जानकारी
यह अध्ययन हाल ही में प्रकाशित हुआ है। बवासीर, जिसे मेडिकल भाषा में हेमोरॉयड्स कहा जाता है, एक ऐसी स्थिति है जिसमें गुदा और मलाशय की नसें सूज जाती हैं। इससे जलन, दर्द और कई मामलों में रक्तस्त्राव भी हो सकता है। लंबे समय तक टॉयलेट पर बैठना बवासीर के जोखिम कारकों में से एक है, क्योंकि इससे गुदा क्षेत्र की नसों पर लगातार दबाव पड़ता है। इस शोध में 125 वयस्कों को शामिल किया गया था, जो नियमित जांच के लिए कोलोनोस्कोपी करवाने आए थे।
समय का अनजाना एहसास
शोधकर्ताओं का कहना है कि जब लोग टॉयलेट सीट पर बैठकर समाचार, सोशल मीडिया या वीडियो देखने लगते हैं, तो उन्हें समय का एहसास नहीं होता। इस कारण वे अनजाने में लंबे समय तक बैठे रहते हैं। अधिक समय तक बैठने से मलाशय और गुदा की नसों पर दबाव बढ़ता है, जिससे सूजन का खतरा बढ़ जाता है। हालांकि, इस अध्ययन में जोर लगाने और बवासीर के बीच कोई सीधा संबंध नहीं पाया गया है, जिससे यह संकेत मिलता है कि केवल दबाव डालना ही नहीं, बल्कि लंबे समय तक बैठना भी बवासीर के खतरे को बढ़ा सकता है।
सावधानी बरतने के उपाय
विशेषज्ञों का सुझाव है कि टॉयलेट में केवल उतना ही समय बिताना चाहिए, जितना वास्तव में आवश्यक हो। यदि मल त्याग में सामान्य से अधिक समय लग रहा है, तो यह समझना जरूरी है कि इसका कारण शारीरिक है या फिर आप फोन में व्यस्त हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ फाइबर युक्त आहार लेने, नियमित व्यायाम करने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह देते हैं। इसके अलावा, बाथरूम में स्मार्टफोन ले जाने की आदत को छोड़ना एक छोटा लेकिन प्रभावी कदम हो सकता है।
स्मार्टफोन का विवेकपूर्ण उपयोग
हालांकि स्मार्टफोन ने हमारी जिंदगी को आसान बना दिया है, लेकिन हर समय और हर जगह इसका उपयोग करना आवश्यक नहीं है। टॉयलेट में बैठकर फोन चलाने की आदत भले ही मामूली लगे, लेकिन यह भविष्य में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है।
