स्वास्थ्यवर्धक रागी इडली बनाने की विधि और इसके लाभ
रागी इडली: एक स्वस्थ विकल्प
आजकल की व्यस्त जीवनशैली में लोग अक्सर अपनी सेहत का ध्यान रखना भूल जाते हैं। गलत खानपान और जीवनशैली के कारण स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। ऐसे में अपनी सेहत का ख्याल रखना बेहद आवश्यक है। बाजार में मिलने वाली चावल से बनी इडली स्वास्थ्य के लिए उतनी फायदेमंद नहीं होती। यदि आप कुछ पौष्टिक और स्वास्थ्यवर्धक खाना चाहते हैं, तो घर पर रागी की इडली बनाना एक बेहतरीन विकल्प है। रागी में कैल्शियम, आयरन और फाइबर की प्रचुरता होती है, जो वजन घटाने और डायबिटीज के मरीजों के लिए लाभकारी है।
रागी इडली बनाने की सामग्री
- रागी का आटा - 1 कप
- इडली चावल - 1 कप
- उड़द दाल - 1 कप
- मेथी दाना - 1 छोटी चम्मच
- नमक स्वादानुसार
रागी इडली बनाने की विधि
- उड़द दाल और मेथी दाने को एक बर्तन में और चावल को दूसरे बर्तन में 4-5 घंटे के लिए भिगो दें।
- दाल को बारीक पीस लें और चावल को थोड़ा दरदरा पीसें। फिर इसमें रागी का आटा और नमक मिलाकर एक गाढ़ा घोल तैयार करें।
- इस मिश्रण को कम से कम 8-10 घंटे या रातभर किसी गर्म स्थान पर ढककर रखें ताकि यह अच्छी तरह से फर्मेंट हो जाए।
- इडली स्टैंड को तेल से ग्रीस करें, घोल को सांचों में डालें और 10-12 मिनट तक भाप में पकने दें। आपकी नरम रागी इडली तैयार है।
सांभर बनाने के लिए सामग्री
- अरहर दाल - 1 कप
- सब्जियां - सहजन, कद्दू, गाजर, बैंगन और प्याज
- इमली का गूदा - 2 बड़े चम्मच
- सांभर मसाला - 2 बड़े चम्मच
- तड़के के लिए - राई, करी पत्ता, सूखी लाल मिर्च और हींग
सांभर बनाने की विधि
- सबसे पहले दाल को हल्दी और थोड़ा नमक डालकर कुकर में 3-4 सीटी आने तक पकाएं और फिर अच्छी तरह मैश कर लें।
- कड़ाही में सब्जियों को थोड़ा पानी और नमक के साथ पकाएं, ताकि वे नरम हो जाएं।
- पकी हुई सब्जियों में उबली हुई दाल, इमली का गूदा और सांभर मसाला डालें। आवश्यकतानुसार पानी डालकर इसे 5-7 मिनट तक उबलने दें।
- एक छोटे पैन में तेल गर्म करें, इसमें राई, हींग, सूखी लाल मिर्च और करी पत्ता डालें। राई चटकने के बाद, इसे सांभर पर डाल दें। आपका सांभर तैयार है।
रागी इडली के फायदे
- रागी ग्लूटेन-फ्री होती है, जो पाचन के लिए महत्वपूर्ण है।
- इसमें दूध से अधिक कैल्शियम होता है, जो बच्चों और बुजुर्गों की हड्डियों के लिए आवश्यक है।
- रागी में फाइबर की भरपूर मात्रा होती है, जिससे पेट भरा हुआ महसूस होता है और शुगर लेवल नियंत्रित रहता है।
