हिमाचल प्रदेश में बाढ़ का कहर: चंडीगढ़-मनाली राजमार्ग पर फंसे सैकड़ों वाहन

हिमाचल में बाढ़ की स्थिति
Himachal flood: हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में ब्यास नदी के उफान के कारण चंडीगढ़-मनाली राजमार्ग पर ट्रकों और यात्री वाहनों की लंबी कतारें तीसरे दिन भी देखी गईं। लगातार हो रही बारिश के चलते कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ है, जिससे सड़क का एक बड़ा हिस्सा बह गया है और व्यस्त राजमार्ग एक उफनती नदी में तब्दील हो गया है।
हिमाचल प्रदेश के रायसन में ब्यास नदी ने एक टोल प्लाजा को भी अपने साथ बहा लिया। इस पर एक सोशल मीडिया यूजर ने मजाक में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से टोल टैक्स वसूलने की मांग की।
सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर विवेक मुखर्जी नामक एक यूजर ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को टैग करते हुए लिखा, "कृपया ध्यान दें कि ब्यास नदी बिना कोई टोल दिए हिमाचल प्रदेश में मनाली के पास रायसन टोल प्लाजा से गुजर रही है। यह अस्वीकार्य है। कृपया ब्यास नदी के खिलाफ BNS की धारा 152 के तहत कार्रवाई करें।"
Dear @nitin_gadkari. Please see Beas River is going through the Raison Toll Plaza near Manali in Himachal Pradesh without paying any use fee. This is unacceptable. Please intiate action against Beas River under Section 152 of BNS for sedation. pic.twitter.com/4ptUY62W03
— Vivek Mukherji (@Bagheera_70) August 27, 2025
राजमार्ग पर यातायात की स्थिति
चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग, जो निवासियों और पर्यटकों के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग है, कई स्थानों पर बंद हो गया है, जिससे यात्री घंटों तक जाम में फंसे रहे। NHAI के अधिकारी अशोक चौहान ने बताया कि ब्यास नदी की तेज धाराओं ने कुल्लू और मनाली के बीच सड़क के कई हिस्सों को क्षतिग्रस्त कर दिया है।
पुनर्निर्माण कार्य जारी हैं, लेकिन अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि कुछ स्थानों पर राजमार्ग का 200 मीटर से अधिक हिस्सा पूरी तरह से बह गया है। बनाला में एक बड़े भूस्खलन के कारण अधिकारियों को राजमार्ग बंद करना पड़ा, जबकि आस-पास के ढाबे, रेस्टोरेंट और दुकानें बाढ़ के पानी में बह गईं।
स्थानीय निवासियों की आपबीती
स्थानीय लोगों ने बताया कि स्थिति बेहद गंभीर है। एक ग्रामीण ने कहा, "मनाली के कई क्षेत्रों में बादल फटने से जलस्तर अचानक बढ़ गया है। कई परिवारों की जान को खतरा है। जब आस-पास के इलाकों में पानी भरने लगा, तो हमें ऊँचे स्थानों पर जाना पड़ा। हमारे पास पीने का पानी नहीं है और सभी काम ठप हो गए हैं।"
एक अन्य निवासी ने आर्थिक नुकसान की ओर इशारा करते हुए कहा, "यह सेब का मौसम है। मौसम की वजह से हमारे सभी फल नष्ट हो रहे हैं। अगर यही स्थिति रही तो हमें भारी नुकसान होगा।" तबाही केवल खेतों तक सीमित नहीं है। पुल और संपर्क सड़कें टूट गई हैं, जिससे मनाली के कई हिस्सों तक पहुँच बंद हो गई है। कई होटल और रिसॉर्ट नदी के किनारे खतरे में हैं, और कुछ तो पहले ही ढहने के खतरे में हैं।
कुल्लू में एक पर्यटक ने बताया कि कैसे अचानक बादल फटने से इलाके में पानी भर गया। उसने कहा, "जब बादल फटा, तब मैं अपने रिसॉर्ट में था और कुछ ही मिनटों में पानी का स्तर तेजी से बढ़ गया।"
हिमाचल में मानसून की तबाही
अधिकारियों ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश जारी है, जिससे दुकानें बह गईं, इमारतें ढह गईं, राजमार्ग कट गए और रिहायशी इलाकों में पानी भर गया। 20 जून से अब तक मौसम संबंधी घटनाओं में कम से कम 158 लोगों की मौत हो चुकी है और 38 लोग अभी भी लापता हैं। सोमवार शाम से मंगलवार के बीच राज्य में 12 बार अचानक बाढ़, दो बड़े भूस्खलन और एक बादल फटने की घटना हुई। लाहौल स्पीति में नौ, कुल्लू में दो और कांगड़ा में अचानक बाढ़ आई, जबकि चंबा में एक बादल फटने की घटना दर्ज की गई।