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अग्निवीरों के लिए रेलवे में रोजगार के नए अवसर

अग्निपथ योजना के तहत चार साल की सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों के लिए रेलवे में रोजगार के नए अवसर सामने आए हैं। रेलवे और रक्षा मंत्रालय ने मिलकर अग्निवीरों को विशेष आरक्षण देने का निर्णय लिया है। लेवल-1 और लेवल-2 पदों पर पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों के लिए आरक्षण की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा, रेलवे ने पॉइंट्समैन पदों पर संविदा भर्ती की भी घोषणा की है। जानें इस पहल के पीछे की सोच और अग्निवीरों के लिए अन्य क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों के बारे में।
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अग्निवीरों के लिए रेलवे में रोजगार के नए अवसर

नई दिल्ली में अग्निवीरों के लिए उम्मीद की किरण


नई दिल्ली: अग्निपथ योजना के तहत चार साल की सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों के लिए एक नई संभावना सामने आई है। इस वर्ष पहला बैच सेवा मुक्त होने वाला है, जिसमें केवल 25% को स्थायी किया जाएगा, जबकि शेष को नई दिशा में आगे बढ़ना होगा। इस संदर्भ में, रक्षा मंत्रालय और रेलवे मंत्रालय ने मिलकर एक मजबूत सहयोग ढांचा तैयार किया है। इसका उद्देश्य अग्निवीरों और पूर्व सैनिकों को रेलवे में बेहतर रोजगार के अवसर प्रदान करना है। रेलवे ने पहले से ही पूर्व सैनिकों के कल्याण को प्राथमिकता दी है और अब अग्निवीरों को भी विशेष आरक्षण दिया जा रहा है। यह कदम उनके अनुशासन और कौशल को राष्ट्र निर्माण में लगाने का सुनहरा अवसर प्रदान करता है।


आरक्षण की विस्तृत जानकारी

रेलवे ने स्पष्ट किया है कि लेवल-1 (पूर्व ग्रुप डी) पदों पर पूर्व सैनिकों को 20% और पूर्व अग्निवीरों को 10% आरक्षण मिलेगा। लेवल-2 और उससे ऊपर के पदों पर पूर्व सैनिकों के लिए 10% तथा अग्निवीरों के लिए 5% आरक्षण निर्धारित किया गया है। यह क्षैतिज आरक्षण भर्ती प्रक्रिया में लागू होगा। 2024-25 में कुल 14,788 पद पूर्व सैनिकों के लिए आरक्षित किए गए हैं, जिनमें 6,485 लेवल-1 और 8,303 लेवल-2 और उससे ऊपर के पद शामिल हैं। यह व्यवस्था अग्निवीरों के लिए नई है और उन्हें बेहतर अवसर प्रदान करेगी।


पॉइंट्समैन पदों पर संविदा भर्ती

वर्तमान रिक्तियों को शीघ्र भरने और पूर्व सैनिकों को लाभ पहुंचाने के लिए रेलवे ने 5,000 से अधिक पॉइंट्समैन पदों पर संविदा आधार पर भर्ती करने का निर्णय लिया है। ये सभी लेवल-1 के पद हैं। अब तक नौ रेल मंडलों ने सेना संगठनों के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। रेलवे ने सेना से अनुरोध किया है कि वे मंडलों के साथ समन्वय बढ़ाएं ताकि भर्ती प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया जा सके। यह कदम नियमित भर्ती प्रक्रिया के दौरान एक पुल का कार्य करेगा।


सेना और रेलवे की साझा प्रतिबद्धता

सेना और रेलवे दोनों ने कहा है कि दोनों संस्थाओं में अनुशासन, नेतृत्व और तकनीकी कौशल की समानता है। पूर्व सैनिक कम उम्र में रिटायर होते हैं और उनके पास परिचालन अनुभव, प्रबंधन क्षमता और राष्ट्रीय उत्साह होता है। यह ढांचा जागरूकता बढ़ाने, भर्ती प्रक्रिया को सरल बनाने और सहायता तंत्र विकसित करने पर केंद्रित है। दोनों संगठन मिलकर अग्निवीरों को सार्थक दूसरा करियर प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।


अन्य क्षेत्रों में भी आरक्षण

रेलवे के अलावा, केंद्र सरकार ने CAPF और दिल्ली पुलिस में भी पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षण की व्यवस्था की है। दिल्ली पुलिस सिपाही भर्ती में 20% आरक्षण, शारीरिक दक्षता परीक्षा में छूट और आयु सीमा में तीन साल की छूट दी जाएगी। यह पहल अग्निवीरों के भविष्य को सुरक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सरकार हर स्तर पर उनके लिए अवसर बढ़ा रही है ताकि वे राष्ट्र सेवा में योगदान देते रहें।