उत्तर प्रदेश में बड़े परीक्षा घोटाले का पर्दाफाश, सात गिरफ्तार
लखनऊ में परीक्षा घोटाले का खुलासा
लखनऊ: उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक बड़े परीक्षा घोटाले का खुलासा करते हुए सात व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। इन पर आरोप है कि यह गिरोह लाखों रुपये लेकर उम्मीदवारों को SSC की ऑनलाइन परीक्षा में पास कराने का काम करता था। जांच के दौरान STF ने लगभग 50 लाख रुपये नकद, लैपटॉप, मोबाइल फोन और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं।
गैंग की गतिविधियाँ
STF के अनुसार, यह गिरोह केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल, सचिवालय सुरक्षा बल और असम राइफल्स की भर्ती परीक्षाओं में धांधली कर रहा था। आरोपियों ने तकनीकी तरीके से ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली को प्रभावित कर सही उत्तर उम्मीदवारों तक पहुंचाने की व्यवस्था बनाई थी। बताया गया कि प्रत्येक उम्मीदवार से परीक्षा पास कराने के लिए लगभग 4 लाख रुपये लिए जाते थे।
जांच एजेंसियों को मिली सूचना
जांच एजेंसियों को क्या मिली सूचना?
जांच एजेंसियों को यह सूचना मिली थी कि कर्मचारी चयन आयोग की ऑनलाइन परीक्षाओं में संगठित तरीके से नकल की जा रही है। इसके बाद STF ने गुप्त जांच शुरू की और ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क स्थित बालाजी डिजिटल जोन परीक्षा केंद्र तक पहुंची।
गिरफ्तार आरोपियों की जानकारी
कितने आरोपी हुए गिरफ्तार?
22 मई को STF ने परीक्षा केंद्र पर छापा मारकर सात आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार व्यक्तियों में प्रदीप चौहान, अरुण कुमार, संदीप भाटी, निशांत राघव, अमित राणा, शाकिर मलिक और विवेक कुमार शामिल हैं। प्रदीप चौहान इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड था और लंबे समय से इस रैकेट को चला रहा था।
जांच में सामने आई जानकारी
जांच में क्या आया सामने?
जांच में यह पता चला कि आरोपियों ने सीधे SSC के सर्वर को हैक नहीं किया था। इसके बजाय, परीक्षा केंद्र पर प्रॉक्सी सर्वर स्थापित किया गया था। स्क्रीन शेयरिंग एप्लिकेशन के माध्यम से प्रश्नपत्र बाहर बैठे सॉल्वरों तक पहुंचाया जाता था, जहां से सवाल हल कर उम्मीदवारों को सही उत्तर भेजे जाते थे।
पुलिस की प्रतिक्रिया
इस मामले के बारे में पुलिस ने क्या बताया?
पुलिस ने बताया कि अरुण कुमार तकनीकी कार्य संभालता था और वही प्रॉक्सी सर्वर सिस्टम को ऑपरेट करता था। STF पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इसी तरीके का इस्तेमाल अन्य भर्ती परीक्षाओं में भी किया गया था।
