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34 साल की उम्र में रिटायर होकर दुनिया घूमने वाला पूर्व एनवीडिया इंजीनियर

एक पूर्व एनवीडिया इंजीनियर ने 34 साल की उम्र में रिटायर होकर दुनिया की यात्रा करने का निर्णय लिया। उसने अपने कठिन बचपन से लेकर इंजीनियरिंग में सफलता तक की यात्रा साझा की है। उसकी कहानी ने सोशल मीडिया पर लोगों को प्रेरित किया है, जबकि कुछ ने इसे दुर्लभ सफलता के रूप में देखा है। जानें कैसे उसने अपने अनुभव और मेहनत से जीवन को एक नई दिशा दी।
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34 साल की उम्र में रिटायर होकर दुनिया घूमने वाला पूर्व एनवीडिया इंजीनियर

एक प्रेरणादायक यात्रा


नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर कई बार ऐसी कहानियाँ सामने आती हैं जो लोगों को सोचने पर मजबूर कर देती हैं। एक रेडिट यूजर ने खुद को एनवीडिया का पूर्व इंजीनियर बताते हुए कहा कि उसने 34 साल की उम्र में रिटायरमेंट ले लिया है और अब अपनी पत्नी के साथ पूरी दुनिया की यात्रा कर रहा है। भारत के एक छोटे से गांव से शुरू हुई उसकी यह यात्रा अब वैश्विक घुमक्कड़ी में बदल चुकी है, जिसने इंटरनेट पर चर्चा का विषय बना दिया है।


कठिन बचपन से सफलता की ओर

रेडिट यूजर ने बताया कि उसका बचपन बहुत कठिनाइयों में बीता। वह भारत के एक छोटे गांव में बड़ा हुआ, जहां उसके परिवार के लिए दो वक्त की रोटी जुटाना भी मुश्किल था। उसने लिखा कि उसके पिता 2000 के दशक की शुरुआत में अपने चाचा की एसटीडी पीसीओ दुकान पर केवल 1500 रुपये प्रति माह पर काम करते थे। कई वर्षों बाद उन्हें एक दूसरी दुकान में 4000 रुपये की नौकरी मिली। सीमित संसाधनों और अस्थिर परिस्थितियों ने उसके बचपन को गहराई से प्रभावित किया।


सरकारी स्कूल से इंजीनियरिंग की ओर

यूजर ने बताया कि उसकी शिक्षा कक्षा 12 तक सरकारी स्कूल में हुई। इसके बाद उसने एक टियर-3 सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज से डिग्री प्राप्त की। आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद, उसने पढ़ाई को अपना सबसे बड़ा सहारा बनाया। वह घंटों पढ़ाई करता था और अपने अकादमिक प्रदर्शन पर ध्यान केंद्रित करता था। इसी मेहनत का परिणाम था कि वह कॉलेज से गोल्ड मेडलिस्ट बनकर निकला, जिसने उसके करियर की दिशा बदल दी।


एनवीडिया में करियर और वित्तीय स्वतंत्रता

इंजीनियरिंग के बाद, उसे सेमीकंडक्टर उद्योग में एक अवसर मिला और अंततः वह एनवीडिया तक पहुंचा। रेडिट पोस्ट के अनुसार, उसने वहां लगभग 10 साल काम किया। इस दौरान, उसने कंपनी के शेयरों को जमा किया, जो बाद में उसकी आर्थिक स्वतंत्रता का आधार बने। उसने लिखा कि 2022 में उसने एनवीडिया छोड़ दिया, जबकि कंपनी उस समय भी शानदार प्रदर्शन कर रही थी। उसके अनुसार, शेयरों से मिली कमाई ने उसे रिटायरमेंट का आत्मविश्वास दिया।


करोड़ों की नौकरी छोड़ने का साहस

एनवीडिया छोड़ने के बाद, उसने दो अन्य सेमीकंडक्टर कंपनियों में काम किया ताकि अनुभव बढ़ सके। हालांकि, कुछ समय बाद उसने कॉरपोरेट दुनिया से पूरी तरह दूरी बनाने का निर्णय लिया। उसने दावा किया कि उसने एक शीर्ष कंपनी में एक करोड़ रुपये से अधिक सालाना पैकेज वाली नौकरी भी छोड़ दी। उसके अनुसार, उसे लगा कि इससे बेहतर प्रोफेशनल स्थिति शायद अब नहीं मिल सकती और वह जीवन को एक नए तरीके से जीना चाहता है।


दुनिया घूमने का सपना

अब वह और उसकी पत्नी डुअल इनकम नो किड्स कपल के रूप में दुनिया की यात्रा कर रहे हैं। रेडिट यूजर के अनुसार, उन्होंने क्रेडिट कार्ड रिवॉर्ड्स के माध्यम से दस लाख से अधिक होटल और फ्लाइट माइल्स जमा किए हैं। इसी कारण उनका अधिकांश सफर लगभग बिना खर्च के हो रहा है। उसने अब तक 195 में से 32 देशों की यात्रा पूरी करने का दावा किया है। अपने सफर को वह कठिन बचपन के बाद मिली व्यक्तिगत जीत मानता है।


सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएँ

इस पोस्ट के बाद रेडिट पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। कई यूजर्स ने उसकी प्रशंसा की और इसे प्रेरणादायक बताया। वहीं कुछ लोगों ने कहा कि ऐसी सफलता दुर्लभ होती है और सभी के लिए इसे दोहराना आसान नहीं है। एक यूजर ने लिखा कि यह एनवीडिया में सही समय पर मिले अवसरों का परिणाम भी हो सकता है। फिर भी, इस कहानी ने हजारों लोगों का ध्यान आकर्षित किया है।