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कैंसर के बढ़ते मामलों के पीछे की आदतें और उनसे बचने के उपाय

कैंसर के मामलों में वृद्धि के पीछे की आदतों और उनसे बचने के उपायों पर एक नई दृष्टि प्रस्तुत की गई है। शोध से पता चलता है कि लगभग 40 प्रतिशत कैंसर के मामले और आधी मौतें ऐसे जोखिम कारकों से जुड़ी हैं जिन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर टाला जा सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि युवाओं में कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, और तंबाकू, मोटापा, और अस्वस्थ आहार जैसे कारक इसके लिए जिम्मेदार हैं। जानें कि आप अपने स्वास्थ्य को कैसे सुरक्षित रख सकते हैं।
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कैंसर के बढ़ते मामलों के पीछे की आदतें और उनसे बचने के उपाय

कैंसर के कारणों पर नई रोशनी


कैंसर को लेकर लंबे समय से यह धारणा थी कि यह केवल उम्र, दुर्भाग्य या आनुवंशिक कारणों से होता है। लेकिन हालिया शोध इस विचार को चुनौती दे रहा है। *Nature Medicine* जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, कैंसर के लगभग 40 प्रतिशत मामलों और इससे होने वाली आधी मौतों का संबंध ऐसे जोखिम कारकों से है जिन्हें एक स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर काफी हद तक रोका जा सकता है।


बीमारियों का कारण बनने वाली आदतें

विशेषज्ञों का कहना है कि कैंसर के जोखिम को बढ़ाने वाली कई आदतें हमारी दैनिक जीवन का हिस्सा बन चुकी हैं। देर रात तक जागना, लंबे समय तक एक ही स्थान पर बैठना, प्रोसेस्ड फूड का सेवन, तनाव से बचने की कोशिश और शारीरिक गतिविधियों की कमी जैसे कारक धीरे-धीरे शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं। प्रारंभ में, इन आदतों के दुष्प्रभाव स्पष्ट नहीं होते, लेकिन समय के साथ ये गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की एक रिपोर्ट में तंबाकू का उपयोग, मोटापा, शराब का सेवन, अस्वस्थ आहार, शारीरिक गतिविधियों की कमी और वायु प्रदूषण को कैंसर के प्रमुख कारणों के रूप में पहचाना गया है। भारत में भी, जीवनशैली से संबंधित कैंसर के मामले बढ़ते जा रहे हैं।


युवाओं में कैंसर का बढ़ता खतरा

डॉ. अनिंद्य मुखर्जी ने *Times of India* (TOI) को बताया कि कैंसर अब केवल वृद्ध लोगों तक सीमित नहीं रह गया है। युवाओं में कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, खासकर उन प्रकार के कैंसर जो पहले मुख्य रूप से 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में देखे जाते थे। उन्होंने बताया कि सिगरेट पीना, शराब का सेवन, मोटापा, खराब खाने की आदतें, व्यायाम की कमी, पर्यावरण प्रदूषण और लंबे समय तक तनाव जैसे कारक सभी उम्र के लोगों में कैंसर के जोखिम को बढ़ा रहे हैं।


अधिक वसा से जुड़े कैंसर

यू.एस. नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट के अनुसंधान के अनुसार, शरीर में अधिक वसा होने से कई प्रकार के कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। इनमें स्तन, कोलोरेक्टल, गर्भाशय, किडनी, लिवर और अग्न्याशय के कैंसर शामिल हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जब शरीर लंबे समय तक अस्वस्थ जीवनशैली अपनाता है, तो इससे शरीर में सूजन बढ़ जाती है, जो स्वस्थ कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकती है और कैंसर के लिए अनुकूल वातावरण बना सकती है।


तंबाकू और पैसिव स्मोकिंग के खतरे

डॉ. मुखर्जी के अनुसार, कैंसर का सबसे बड़ा टालने योग्य कारण तंबाकू है। इसका प्रभाव केवल फेफड़ों तक सीमित नहीं है; यह मुँह, गला, पेट, किडनी, ब्लैडर और अन्य अंगों पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता है। इसके अलावा, पैसिव स्मोकिंग भी एक गंभीर समस्या है। साथ ही, वायु प्रदूषण भी एक तेजी से बढ़ता खतरा बनता जा रहा है, विशेषकर शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए।


कैंसर से बचने के उपाय

डॉ. मुखर्जी के अनुसार, कैंसर से बचने के लिए यह आवश्यक है कि आप अपने वजन को नियंत्रित रखें, नियमित व्यायाम करें, ताजे फल और सब्जियाँ खाएँ, तंबाकू से दूर रहें, शराब का सेवन सीमित करें, तनाव को प्रबंधित करें और पर्याप्त नींद लें।