गर्मी में ठंडक लाने वाले पारंपरिक पेय: सेहत के लिए फायदेमंद विकल्प
गर्मी से राहत के लिए पारंपरिक पेय
यदि आप गर्मियों की तपिश से बचने के लिए बाजार में मिलने वाले जूस, इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक्स या ठंडे पेय पर निर्भर हैं, तो यह संभव है कि आप अपनी सेहत को नुकसान पहुँचा रहे हों। भारतीय संस्कृति में गर्मियों से राहत पाने के लिए कई पारंपरिक उपाय मौजूद हैं। इनमें से कई हेल्दी, प्राकृतिक और आयुर्वेदिक पेय हैं, जो न केवल शरीर को ठंडा रखते हैं, बल्कि आवश्यक पोषण भी प्रदान करते हैं और लू से भी बचाते हैं। शेफ रणवीर बरार ने ऐसे कुछ पेय के बारे में जानकारी दी है।
गर्मी के महीनों में ठंडा रहने के लिए, बाजार में मिलने वाले कोल्ड ड्रिंक्स और आइसक्रीम के बजाय, आपको उन पारंपरिक उपायों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए जो समय की कसौटी पर खरे उतरे हैं। हालांकि, कई लोग इन पुरानी प्रथाओं को भूलते जा रहे हैं, लेकिन इन्हें अपनी डाइट में शामिल करने से गर्मियों से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सकता है। आइए, इन हेल्दी पेयों पर एक नज़र डालते हैं।
बेल का शरबत (वुड एप्पल ड्रिंक)
शेफ रणवीर बरार के अनुसार, बेल का फल न केवल ठंडक प्रदान करता है, बल्कि इसमें भरपूर मात्रा में गूदा होता है, जिससे पेट लंबे समय तक भरा रहता है। गर्मियों की तेज़ गर्मी को देखते हुए, ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करना उचित है जो पेट को भरा हुआ महसूस कराएँ, जिससे लू से बचाव हो सके। आप बेल का शरबत अपनी गर्मियों की दिनचर्या का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बना सकते हैं। आयुर्वेद में, बेल के फल और पत्तियों को उनके औषधीय गुणों के कारण महत्वपूर्ण माना जाता है। यह पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में मदद करता है और दस्त, पेचिश, एसिडिटी और पेट में ऐंठन जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है।
शरबत बनाने की विधि
बेल का शरबत बनाने के लिए, एक पका हुआ बेल का फल लें, उसका गूदा निकालें, उसमें थोड़ा पानी डालें और हाथों से अच्छी तरह मसलें। मिश्रण में से रेशे और बीज निकाल दें। स्वाद के अनुसार गुड़, काला नमक और भुने हुए जीरे का पाउडर डालें, और फिर परोसने से पहले आवश्यकतानुसार ठंडा पानी मिलाएँ। इसे ताज़े पुदीने के पत्तों और नींबू के रस से सजाना न भूलें।
सत्तू का शरबत
गर्मियों में, सत्तू से बना पेय शरीर को ठंडा रखने के साथ-साथ पेट को भरा हुआ भी रखता है। यह प्रोटीन का एक बेहतरीन स्रोत है। आयुर्वेद में, सत्तू को पौष्टिक और ठंडक देने वाला माना जाता है। विशेष रूप से बिहार में, सत्तू शरबत गर्मियों में एक लोकप्रिय विकल्प है। इसे मीठा या नमकीन दोनों तरह से बनाया जा सकता है। नमकीन संस्करण को अधिक फायदेमंद माना जाता है, जिसमें भुना हुआ जीरा पाउडर, कटी हुई प्याज़, नींबू का रस और हरी मिर्च जैसी सामग्री शामिल होती है।
विटामिन C से भरपूर पेय
आयुर्वेद आंवला को अत्यंत लाभकारी मानता है। यह त्वचा और बालों के स्वास्थ्य से लेकर समग्र कल्याण तक कई लाभ प्रदान करता है। गर्मियों में, आप आंवला को एक ताज़ा पेय के रूप में बना सकते हैं। शेफ रणवीर बरार ने इस पेय की एक रेसिपी साझा की है। सबसे पहले, आंवला को काटें। फिर, थोड़ी सी अम्बा हल्दी या सामान्य अदरक लें और बारीक काटें। दोनों सामग्रियों को एक पैन में डालें, और अपनी पसंद के अनुसार चीनी और पानी मिलाएँ। फिर, थोड़े से सौंफ के बीज डालें। मिश्रण को उबालें, ठंडा होने दें, और फिर इसे पीसकर चिकना पेस्ट बना लें। अब, एक बड़े जार में ताज़ा आंवला और अदरक का एक छोटा टुकड़ा कद्दूकस करके डालें। इस मिश्रण में एक चुटकी काली मिर्च पाउडर मिलाएँ। इसके बाद, तैयार आंवला पेस्ट को अपनी इच्छित मात्रा में मिलाएँ। बर्फ के टुकड़े डालें, थोड़ा पानी डालें, और अच्छी तरह मिलाएँ। अंत में, एक चुटकी नमक, पुदीने के कुछ पत्ते और थोड़ा नींबू का रस मिलाएँ। आपका विटामिन C से भरपूर आंवला शरबत तैयार है।
अन्य सुझाए गए पेय
शेफ रणवीर बरार ने गर्मियों में स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए दो और पेय सुझाए हैं: एक रागी के आटे से बना और दूसरा कोलम चावल से। रागी एक ऐसा अनाज है जिसकी तासीर कभी-कभी गर्म और कभी-कभी ठंडा होती है; हालाँकि, यह गर्मियों में ठंडक देने वाले पेय के लिए उपयुक्त है। इसके अलावा, कोलम चावल से बना 'टंका तोरानी' पेय भगवान जगन्नाथ को चढ़ाया जाता है। इस गर्मी में, ठंडक पाने और गर्मी को मात देने के लिए इन सभी पेयों का आनंद लें।
