Svalbard: अनोखे कानूनों वाला नॉर्वे का द्वीप
Svalbard: एक अद्वितीय द्वीप
नई दिल्ली: दुनिया में कुछ स्थान अपनी प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ अपने अनोखे कानूनों के लिए भी जाने जाते हैं। नॉर्वे का Svalbard आर्कटिक महासागर में स्थित एक ऐसा द्वीप है, जहां प्रकृति और प्रशासन दोनों के अपने नियम हैं। यहां वीजा की आवश्यकता नहीं है, लेकिन यहां रहना हर किसी के लिए संभव नहीं है। यहां की ठंड इतनी तीव्र है कि यह न केवल भूमि बल्कि मानव शरीर पर भी प्रभाव डालती है। यही कारण है कि यहां के कानूनों का स्वरूप भी अनोखा है।
कोहरे और बर्फ के बीच जीवन
Svalbard की सुबह अक्सर धुंध और बर्फीली हवाओं से शुरू होती है। यहां का तापमान लंबे समय तक शून्य से नीचे रहता है। पहाड़, ग्लेशियर और बर्फ से ढकी भूमि इसे पर्यटकों के लिए आकर्षक बनाती है, लेकिन स्थानीय निवासियों के लिए यह रोजमर्रा की चुनौतियों का सामना करने का स्थान है। तेज हवाएं, सीमित सड़क संपर्क और मौसम में अचानक बदलाव जीवन को कठिन बनाते हैं। फिर भी, शोधकर्ता, खनन कर्मी और साहसिकता पसंद करने वाले लोग यहां रहना पसंद करते हैं। यहां की प्राकृतिक सुंदरता ही रहने का मुख्य कारण है।
मौत पर प्रतिबंध का कारण
यहां मौत पर प्रतिबंध का कारण यह है कि कड़ाके की ठंड में शव विघटित नहीं होते। शरीर में मौजूद वायरस और बैक्टीरिया कई वर्षों तक सक्रिय रह सकते हैं। 20वीं सदी में फैले संक्रमणों के अनुभव ने वैज्ञानिकों को सतर्क किया है। यदि कोई खतरनाक वायरस वाला शव जमीन में रहा, तो वह फिर से सक्रिय होकर जनसंख्या में फैल सकता है। इसलिए गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को अंतिम समय से पहले हेलीकॉप्टर द्वारा मुख्य नॉर्वे भेजा जाता है, ताकि मृत्यु द्वीप के बाहर हो।
अंतिम समय में क्या होता है?
जब किसी व्यक्ति की स्थिति गंभीर होती है, तो प्रशासन तुरंत एयरलिफ्ट की तैयारी करता है। द्वीप पर अंतिम संस्कार की अनुमति नहीं है। मरीज या वृद्ध व्यक्ति को मुख्य नॉर्वे के शहर भेजा जाता है, जहां मृत्यु होने पर अंतिम संस्कार किया जाता है। हेलीकॉप्टर सेवा यहां की लाइफलाइन है, जो चिकित्सा आपात स्थिति में सबसे तेज विकल्प मानी जाती है। स्थानीय समुदाय इन नियमों को कड़वा, लेकिन आवश्यक मानता है। स्वास्थ्य सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह व्यवस्था वर्षों से बिना बदलाव के लागू है।
बच्चों का जन्म क्यों नहीं हो सकता?
Svalbard में बच्चों का जन्म भी प्रतिबंधित है, क्योंकि यहां का अस्पताल छोटा है और उसमें नवजात आपात चिकित्सा, जटिल सर्जरी या उन्नत प्रसूति उपकरण उपलब्ध नहीं हैं। गर्भवती महिलाओं को डिलीवरी से 3-4 सप्ताह पहले द्वीप छोड़ना अनिवार्य होता है। प्रशासन का मानना है कि सीमित संसाधनों में जटिल डिलीवरी जोखिम बढ़ा सकती है। इसलिए महिलाओं को मुख्य नॉर्वे भेजा जाता है, जहां सुरक्षित प्रसव संभव है। यह नियम स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के आधार पर लागू है, न कि किसी भेदभाव के कारण।
बिना वीजा, लेकिन कड़े नियम
Svalbard उन कुछ स्थानों में से एक है, जहां बिना वीजा प्रवेश संभव है, लेकिन यहां रहने के लिए नियम बेहद सख्त हैं। हथियार रखना, ध्रुवीय भालू से सुरक्षा प्रशिक्षण लेना और मौसम अलर्ट का पालन करना अनिवार्य है। यहां लोग नौकरी या अध्ययन के आधार पर बसते हैं। नियमों का उद्देश्य सुरक्षा और स्वास्थ्य जोखिमों को कम करना है। छोटी आबादी के कारण हर नियम का सीधा प्रभाव समुदाय पर पड़ता है। इसलिए प्रशासन किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं करता। यही कारण है कि यह द्वीप आज भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
