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क्या आपके रिश्ते में बैकअप पार्टनर होना सामान्य है?

आज के रिश्तों में बैकअप पार्टनर रखने का विचार तेजी से बढ़ रहा है। एक हालिया अध्ययन में यह सामने आया है कि हर छह में से एक व्यक्ति अपने जीवन में एक बैकअप साथी रखता है। जानें कि कैसे आधुनिक डेटिंग संस्कृति ने इस सोच को प्रभावित किया है और क्या यह सामान्य है। क्या आप भी अपने रिश्ते में बैकअप पार्टनर के विचार से सहमत हैं? इस लेख में हम इस विषय पर गहराई से चर्चा करेंगे।
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क्या आपके रिश्ते में बैकअप पार्टनर होना सामान्य है?

रिश्तों में बैकअप पार्टनर का विचार


आज के समय में, रिश्तों में स्थिरता की कोई गारंटी नहीं होती; यह अनुमान लगाना मुश्किल है कि कब, कहाँ, या किसके द्वारा आपको धोखा मिल सकता है। कई लोग अपने रिश्तों में एक बैकअप योजना रखते हैं, ताकि यदि उनका साथी उन्हें धोखा दे या वे अपने मौजूदा साथी में रुचि खो दें, तो उनके पास कोई और विकल्प हो। यह केवल हमारी राय नहीं है; एक अध्ययन में यह सामने आया है कि हर छह में से एक व्यक्ति अपने जीवन में एक बैकअप साथी रखता है। आइए इस विषय पर और जानकारी प्राप्त करें।


अध्ययन के निष्कर्ष

अमेरिका में 1200 से अधिक लोगों पर किए गए एक सर्वेक्षण से पता चला है कि 16 प्रतिशत लोग जो प्रतिबद्ध रिश्ते में हैं, ऐसे किसी व्यक्ति को जानते हैं जिसके लिए वे अपने वर्तमान साथी को छोड़ने के लिए तैयार हैं। यह कोई दूर का सेलिब्रिटी क्रश नहीं है, बल्कि उनके जीवन के वास्तविक लोग हैं। सर्वे में यह भी पाया गया कि 19 प्रतिशत पुरुष इस बात से सहमत थे, जबकि महिलाओं में यह आंकड़ा 12 प्रतिशत था। यह अंतर निश्चित रूप से चौंकाने वाला है, लेकिन यह आज की डेटिंग दुनिया में फैली असुरक्षा को भी दर्शाता है, जहाँ लोग अपने रिश्तों में पूरी तरह से सुरक्षित महसूस नहीं कर पाते।


बैकअप पार्टनर की अवधारणा

यहाँ पर "सोलमेट" की बहस सामने आती है। उसी सर्वे में, हर पाँच में से एक व्यक्ति ने कहा कि वे अपने साथी को "द वन" नहीं मानते। यह भावना महिलाओं में थोड़ी अधिक सामान्य थी। शायद यह आज के जटिल रिश्ते की संस्कृति के कारण है; सिचुएशनशिप, रेड फ्लैग और टूटे भरोसे के बीच, किसी के सामने खुद को पूरी तरह से खोलना कई लोगों के लिए जोखिम भरा लगता है। हालाँकि, सोच और वास्तविकता में अंतर होता है। रिश्ते के विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी कल्पनाएँ अक्सर यह दिखाती हैं कि रिश्ते में कुछ कमी है, जैसे उत्साह, जुनून या नयापन।


क्या आधुनिक डेटिंग ने इस सोच को बढ़ावा दिया है?

आज की डेटिंग संस्कृति में, दूरी बनाए रखना एक नया ट्रेंड बन गया है। "कूल" दिखने के लिए, लोग गहरे संबंधों से बच रहे हैं, कम से कम प्रयास कर रहे हैं, और भावनाओं को व्यक्त करना जोखिम भरा समझा जाता है। इस माहौल में, लोगों को एक रिश्ते में पूरी तरह से कमिट करने के बजाय अपने विकल्प खुले रखना आसान लगता है। बैकअप पार्टनर का यह विचार आज की डेटिंग शब्दावली में "बेंचिंग" के समान है। इसमें कोई व्यक्ति संदेश, फ़्लर्टिंग या कभी-कभी मिलने-जुलने से दूसरे व्यक्ति की रुचि बनाए रखता है, लेकिन पूरी तरह से कमिट नहीं करता।