गैस सिलेंडर का सुरक्षित उपयोग: जानें कैसे बचें हादसों से

गैस सिलेंडर का उपयोग और सुरक्षा उपाय
पहले के समय में, खाना पकाने के लिए मिट्टी के चूल्हों का इस्तेमाल किया जाता था, लेकिन अब यह एक पुरानी परंपरा बन चुकी है। आजकल, भारत के अधिकांश घरों में गैस स्टोव का उपयोग होता है, जिसमें गैस सिलेंडर का सहारा लिया जाता है। गैस सिलेंडर के माध्यम से खाना बनाना न केवल तेज होता है, बल्कि यह बहुत सुविधाजनक भी है।
हालांकि, गैस सिलेंडर का उपयोग करते समय कुछ सावधानियों का पालन करना आवश्यक है। कई बार छोटी-छोटी लापरवाहियों के कारण गैस सिलेंडर से संबंधित हादसे हो जाते हैं। यदि आप नहीं चाहते कि ऐसा आपके साथ हो, तो इन बातों का ध्यान रखें।
गैस सिलेंडर से होने वाली दुर्घटनाओं का मुख्य कारण गैस रिसाव है। इसलिए, जब भी आप गैस सिलेंडर का उपयोग करें, गैस लीक की जांच करते रहें। नया गैस सिलेंडर लगाते समय, उसे रेगुलेटर में लगाने से पहले उसमें कुछ बूंदें पानी डालकर जांचें कि कहीं गैस लीक तो नहीं हो रही।
यदि पानी में बुलबुले बनते हैं, तो इसका मतलब है कि गैस लीक हो रही है। यदि पानी स्थिर है, तो गैस सिलेंडर सुरक्षित है। यदि लीक हो रहा है, तो तुरंत गैस एजेंसी को सूचित करें और सिलेंडर बदलने के लिए कहें।
गैस रिसाव की गंध भी आपको सतर्क कर सकती है। यदि आपको गैस की गंध आती है, तो गैस पाइप को बदलने पर विचार करें, क्योंकि कई बार पाइप के क्षतिग्रस्त होने से गैस लीक होती है। सही समय पर कदम न उठाने पर दुर्घटनाएं हो सकती हैं। ध्यान रखें कि गैस लीक होने पर गैस चालू न करें और न ही माचिस या लाइटर का उपयोग करें, अन्यथा गंभीर हादसा हो सकता है।