दुनिया की सबसे महंगी चाय: दा-होंग पाओ
दुनिया की अनमोल चाय
नई दिल्ली: चाय प्रेमियों की कोई कमी नहीं है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि एक किलो चाय की कीमत 9 करोड़ रुपये हो सकती है? चीन के वुईयी पहाड़ियों में उगने वाली 'दा-होंग पाओ' आज की तारीख में सबसे महंगी और दुर्लभ चाय मानी जाती है। इसकी एक चुस्की की कीमत लाखों रुपये हो सकती है। उदाहरण के लिए, 2002 में 20 ग्राम चाय की नीलामी 26 लाख रुपये में हुई थी।
इस चाय का ऐतिहासिक महत्व
इस चाय को पाना आजकल लगभग असंभव है। यह केवल स्वाद के लिए नहीं, बल्कि इसके अद्भुत इतिहास और दुर्लभता के लिए भी जानी जाती है। मिंग राजवंश के दौरान एक रानी की बीमारी का इलाज इसी चाय से हुआ था। राजा ने इस चाय के पौधों को लाल कपड़ों से ढकवा दिया, जिसके बाद इसका नाम 'दा-होंग पाओ' पड़ा, जिसका अर्थ है 'बिग रेड रोब'। आज भी इसे चीन का राष्ट्रीय खजाना माना जाता है।
उगने का स्थान
दा-होंग पाओ चीन के फुजियान प्रांत की ऊबड़-खाबड़ वुईयी पहाड़ियों में चट्टानों की दरारों में उगती है। इसे 'रॉक टी' भी कहा जाता है क्योंकि ये पौधे पहाड़ी खनिजों को सोख लेते हैं। असली चाय केवल कुछ सैकड़ों साल पुरानी 'मदर बुशेस' से प्राप्त होती है, जिनकी संख्या बहुत कम है।
स्वाद और सुगंध
विशेषज्ञों के अनुसार, इसका स्वाद गहरा, मिट्टी जैसा और हल्का मीठा होता है। इसे पीने के बाद इसका जायका और खुशबू लंबे समय तक जुबान और गले पर बनी रहती है। यह साधारण चाय की तरह नहीं है, बल्कि यह एक अद्वितीय अनुभव प्रदान करती है जो चाय प्रेमियों को हमेशा याद रहता है।
महंगाई का कारण
2006 के बाद से, चीन सरकार ने इन प्राचीन पौधों से पत्तियां तोड़ने पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। अब इन पौधों की सुरक्षा के लिए गार्ड तैनात रहते हैं। साल में बहुत कम मात्रा में पत्तियां मिलती हैं, जिससे इसकी कीमत आसमान छू जाती है। एक ग्राम की कीमत लगभग 1.5 लाख रुपये तक पहुंच जाती है।
बाजार में उपलब्धता
जो दा-होंग पाओ आज बाजार में उपलब्ध है, वह ज्यादातर मूल पौधों की कटिंग से उगाए गए नए पौधों से बनाई जाती है। यह भी महंगी है, लेकिन असली मदर बुशेस वाली चाय के मुकाबले कम कीमती है। फिर भी, चाय के शौकीन इसे खास अवसरों पर अवश्य आजमाते हैं।
