नितिन गडकरी का ईंधन बचाने का अनूठा कदम: बस से यात्रा करेंगे
प्रधानमंत्री की अपील पर गडकरी का निर्णय
ईंधन की खपत को कम करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। वह अपने काफिले में गाड़ियों की संख्या घटाकर बस से यात्रा करने का निर्णय ले रहे हैं। भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने इस संबंध में एक पत्र जारी किया है।
गडकरी का निरीक्षण कार्यक्रम
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने पुणे पुलिस कमिश्नर, डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र लिखकर सूचित किया है कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ‘बस’ के माध्यम से संत ज्ञानेश्वर महाराज और संत तुकाराम महाराज पालकी मार्ग का निरीक्षण करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान के बाद, गडकरी ने अपने काफिले में गाड़ियों की संख्या 50 प्रतिशत कम करने का निर्णय लिया है।
ईंधन की खपत में कमी का महत्व
गडकरी ने पत्र में बताया कि उनका कार्यक्रम 14-15 मई को संत ज्ञानेश्वर महाराज और संत तुकाराम महाराज पालखी मार्ग परियोजनाओं का निरीक्षण करने का है। प्रधानमंत्री की सलाह के अनुसार, राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा के हित में परिवहन उद्देश्यों के लिए ईंधन की खपत को कम करना आवश्यक है, इसलिए मैंने अपने साथ आए अधिकारियों, पत्रकारों और सुरक्षा कर्मियों के साथ बस से यात्रा करने का निर्णय लिया है।
यातायात प्रबंधन में सुधार
इससे बेहतर यातायात प्रबंधन और जनता की सुविधा भी सुनिश्चित होगी।
उन्होंने आगे कहा कि अनुरोध है कि दौरे के दौरान काफिले में वाहनों की संख्या को सामान्य तैनाती के 50 प्रतिशत तक कम कर दिया जाए। साथ ही उचित व्यवस्था करने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं।
भारत की राजमार्ग अवसंरचना में सुधार
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में कहा कि मल्टी-लेन फ्री फ्लो (एमएलएफएफ) टोलिंग प्रणाली की शुरुआत के साथ भारत विश्व स्तरीय राजमार्ग अवसंरचना की ओर तेजी से बढ़ रहा है। इसका उद्देश्य पूरे देश में सुगम यात्रा सुनिश्चित करना, प्रदूषण कम करना और लॉजिस्टिक कॉस्ट को कम करना है।
गडकरी ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में शहरी विस्तार सड़क-2 (यूईआर- 2) पर मुंडका-बक्करवाला में देश के पहले बैरियर-रहित टोल प्लाजा का उद्घाटन किया। एमएलएफएफ प्रणाली एक संपर्क रहित और बैरियर-मुक्त टोल संग्रह तंत्र प्रस्तुत करती है, जो वाहनों को बिना रुके टोल प्लाजा से गुजरने की अनुमति देती है। इसमें फास्टैग-आधारित इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह के साथ एकीकृत स्वचालित नंबर प्लेट पहचान (एएनपीआर) तकनीक का उपयोग किया जाता है।
