भारत में खर्च करने की आदतों में बदलाव: नई रिपोर्ट से खुलासा
खर्च करने की आदतों में बदलाव
भारत में लोगों के खर्च करने के तरीके और जीवनशैली में तेजी से बदलाव आ रहा है। कोटक म्यूचुअल फंड द्वारा जारी की गई एक नई रिपोर्ट, जिसका शीर्षक 'द ग्रेट कंजम्पशन शिफ्ट' है, इस बदलाव को दर्शाती है। रिपोर्ट के अनुसार, अब घरों का मासिक बजट पहले जैसा नहीं रहा। लोग खाद्य सामग्री और राशन पर अपनी आय का कम हिस्सा खर्च कर रहे हैं। इसके बजाय, उनका पैसा मोबाइल डेटा, इंटरनेट मनोरंजन (OTT प्लेटफॉर्म), महंगे स्मार्टफोन, लाइव शो और विदेश यात्रा जैसी चीजों पर अधिक खर्च हो रहा है। जैसे-जैसे आय बढ़ रही है, लोग अपनी जीवनशैली को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
खाद्य खर्च में कमी
1999-00 से 2022-23 के बीच, गांवों में अनाज पर खर्च 22% से घटकर केवल 5% रह गया है। इसी तरह, शहरों में यह 12% से घटकर 4% हो गया है। कुल खाद्य खर्च की बात करें तो गांवों में यह 59% से घटकर 46% हो गया है, जबकि शहरों में यह 48% से 39% पर आ गया है। अब शहरों में लोग अपने पैसे का उपयोग अन्य चीजों पर कर रहे हैं, जैसे मोबाइल पर खर्च में 3.6% की वृद्धि हुई है।
मनोरंजन और यात्रा पर बढ़ता खर्च
लोगों के बीच विदेश यात्रा का शौक बढ़ रहा है। पिछले आठ वर्षों में विदेश यात्रा पर खर्च में लगभग 450% की वृद्धि हुई है। वित्तीय वर्ष 2026 के पहले दो महीनों में ही लोगों ने विदेश यात्रा पर करीब 1.45 लाख करोड़ रुपये खर्च किए। यह राशि इतनी बड़ी है कि यह देश की पूरी बिल्डिंग मटेरियल इंडस्ट्री से भी अधिक है। लोग अब विदेशी शेयर बाजारों और डेट फंड्स में भी निवेश कर रहे हैं।
महंगे स्मार्टफोन का चलन
भारत में मोबाइल फोन की बिक्री में कोई विशेष वृद्धि नहीं हुई है, लेकिन लोग अब सस्ते फोन के बजाय महंगे फोन खरीदने में रुचि दिखा रहे हैं। 2020 से 2025 के बीच, 30,000 रुपये से ऊपर के प्रीमियम फोन का बाजार हिस्सा 20% से बढ़कर 26% हो गया है। इस बदलाव का सबसे बड़ा लाभ एप्पल कंपनी को हुआ है, जिसकी आय में हर साल 47% की वृद्धि हुई है।
ऑनलाइन धोखाधड़ी का बढ़ता खतरा
बदलती आदतों के साथ, ऑनलाइन धोखाधड़ी भी बढ़ रही है। पिछले छह वर्षों में, लोगों ने ऑनलाइन धोखाधड़ी में लगभग 53,000 करोड़ रुपये खो दिए हैं। यह राशि इतनी बड़ी है कि इससे देश की पूरी ब्रांडेड रेस्टोरेंट इंडस्ट्री प्रभावित हो सकती है।
आर्थिक नुकसान से बचने के उपाय
इस बढ़ते आर्थिक दबाव से बचने के लिए लोगों को अपनी वित्तीय आदतों में सुधार करने की आवश्यकता है। बिना सोचे-समझे लोन या ईएमआई पर चीजें खरीदने से बचना चाहिए। इसके बजाय, सुरक्षित निवेश के विकल्पों का चयन करना चाहिए। ऑनलाइन लेन-देन में सावधानी बरतकर और अनजान लिंक से दूर रहकर डिजिटल धोखाधड़ी से बचा जा सकता है।
